नेपाल में अचानक भारी बारिश से गंडक नदी उफान पर है। इसके कारण बिहार और उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों वाले जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ की वजह से सोमवार को बिहार के बगहा में गंडक तटबंध को तोड़ दिया, जिससे आस-पास के इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। बिहार के जल संसाधन विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह 6 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर 5,43,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
नदी का डिस्चार्ज 13 घंटे तक 500,000 क्यूसेक से ज़्यादा और 32 घंटे तक 400,000 क्यूसेक से ज़्यादा बना रहा, जिससे बाढ़ का पानी पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुज़फ़्फ़रपुर और वैशाली जैसे निचले इलाकों वाले जिलों में तेजी से फैल गया। इस तेजी से पानी बढ़ने से पहले ही 26 और 27 सितंबर के बीच पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज जैसे सीमावर्ती जिलों में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ गया था।
जल संसाधन विभाग ने क्या कहा?
जल संसाधन विभाग के एक बयान के अनुसार, “हालांकि बैराज से अधिकतम डिस्चार्ज 2024 के 562,500 क्यूसेक के रिकॉर्ड से थोड़ा कम था, लेकिन नदी ने बगहा गेज साइट पर एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। जलस्तर 91.25 मीटर के नए उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) तक पहुँच गया, जो 2024 में बने 90.90 मीटर के पिछले रिकॉर्ड से 0.35 मीटर (35 सेमी) ज्यादा है।”
पानी की भारी मात्रा ने नदी के तटबंधों पर जबरदस्त दबाव डाला, जिससे बड़े पैमाने पर रिसाव (सीपेज), पाइपिंग और पानी का ऊपर से बहना (ओवरटॉपिंग) जैसी समस्याएं हुईं। फील्ड टीमों ने तुरंत आपातकालीन मरम्मत करके रिसाव और पाइपिंग वाले 169 पॉइंट्स को सुरक्षित कर लिया। हालांकि बयान में बताया गया है कि 28 और 29 सितंबर की आधी रात के दौरान तीन जगहों पर गंभीर रूप से तटबंध टूटे।
पश्चिमी चंपारण में तटबंध टूटे
बिहार के पश्चिमी चंपारण में, चंपारण तटबंध के बाएं किनारे पर दो जगहों पर तटबंध टूटने की घटनाएं दर्ज की गईं। पहली घटना बगहा-1 ब्लॉक के खैरातवा गाँव में 4 km के निशान पर अचानक जमीन धंसने से हुई, जिससे तटबंध में लगभग 10 मीटर की दरार आ गई। बहता हुआ पानी आस-पास के खेतों में फैल रहा है और उम्मीद है कि यह 9.50 किमी के निशान के पास वापस नदी में मिल जाएगा। हालांकि अगस्त्य, खैरातवा और चंद्रपुर गाँवों के निचले इलाकों में बाढ़ और संपर्क टूटने का खतरा बना हुआ है। दूसरी दरार बैरिया ब्लॉक के फुलियाखर गाँव में पड़ी। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर ज़िले में नदी के दाहिने किनारे पर भी तटबंध टूटने की खबर मिली है।
पानी का स्तर घटने का रुझान
मंगलवार सुबह 8 बजे तक, वाल्मीकिनगर बैराज पर पानी का स्तर स्पष्ट रूप से घटता हुआ दिखा और बहाव घटकर 191,200 क्यूसेक रह गया। बैराज पर अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम गेज का स्तर क्रमशः 356.70 फीट और 354.10 फीट दर्ज किया गया, जबकि नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन पर सुबह 6:25 बजे बहाव 219,677 क्यूसेक (6.14 मीटर) दर्ज किया गया, जिसमें भी कमी का रुझान देखा गया। हालांकि अपस्ट्रीम में पानी का स्तर लगातार गिर रहा है, लेकिन डाउनस्ट्रीम इलाकों में पानी का स्तर अस्थायी रूप से बढ़ रहा है क्योंकि पानी का बहाव निचले इलाकों की ओर बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग और पश्चिम चंपारण ज़िला प्रशासन ने तटबंध की मरम्मत और आपातकालीन सुरक्षा कार्यों के लिए टीमें तैनात कर दी हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय ने रात भर में बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज के लिए चार कार्यकारी इंजीनियरों के नेतृत्व में रिस्पॉन्स टीमें भेजीं। ये टीमें पहले से तैनात इंजीनियरिंग स्टाफ के साथ मिलकर कटाव-रोधी उपायों और संरचनात्मक कार्यों की देखरेख करेंगी। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चौबीसों घंटे बाढ़ से निपटने के कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
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आठ साल का एक लड़का गुरुवार को बहराइच के जिला मजिस्ट्रेट के पास एक गुल्लक लेकर पहुंचा, इसे उसने पिछले एक साल में बड़े प्यार से सिक्कों और नकदी से भर दिया था। तीसरी क्लास के छात्र अल्फाज शेख ने अनुरोध किया कि इसे जैसा है वैसा ही नेपाल भेजा जाए, ताकि हाल ही में आई बाढ़ से जिनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, उनकी मदद की जा सके। यहां पढ़ें पूरी खबर…
