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दिल्ली के दो बड़े होटलों पर गिरी एनडीएमसी की गाज

नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की काउंसिल की गुरुवार को हुई बैठक में राजधानी के जिन दो बड़े होटलों की नीलामी करने या फिर इनमें से एक से करोड़ों रुपए की लाइसेंस फीस वसूलने का फैसला हुआ, उनका मामला बरसों से लटका हुआ था।

Author नई दिल्ली | March 4, 2017 1:46 AM
होटेल ताज मानसिंह दिल्ली

नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की काउंसिल की गुरुवार को हुई बैठक में राजधानी के जिन दो बड़े होटलों की नीलामी करने या फिर इनमें से एक से करोड़ों रुपए की लाइसेंस फीस वसूलने का फैसला हुआ, उनका मामला बरसों से लटका हुआ था। इन दो होटलों के अलावा परिषद में कई अन्य बड़े होटलों के मामले भी लंबित हैं। होटल ताजमान सिंह की लीज साल 2011 में ही खत्म हो गई थी और इसका मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

अदालत ने एनडीएमसी को इस मसले पर पुनर्विचार करने को कहा है क्योंकि इस मुद्दे पर दो वरिष्ठ वकीलों की राय अलग है। इसलिए परिषद की बैठक में इस मामले पर पुनर्विचार किया गया जिसके तहत ताज मानसिंह होटल को लीज पर देने के लिए नीलामी प्रकिया का प्रस्ताव आम राय से पास कर दिया गया। काउंसिल की बैठक में पारित प्रस्ताव पर अब अदालत में बहस होगी। दूसरा मामला ली मेरेडियन होटल का है। जनवरी 2017 तक इस होटल की लाइसेंस फीस का बकाया करीब 523 करोड़ रुपए हो चुका है, जो होटल की ओर से अभी तक जमा नहीं कराया गया है।

संबंधित राशि समय पर जमा न करने के एवज में इस होटल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और साथ ही इसको खाली कराने के लिए अविलंब कार्रवाई करने का भी फैसला किया गया। इसी तरह से कनॉट प्लेस के भारत होटल पर भी करीब 213 करोड़ रुपए बकाया हैं। कनॉट प्लेस स्थित पालिका बाजार के 6 नंबर गेट पर फूलों की दुकानों का मामला भी अभी लंबित है। इन दुकानों से भी पालिका परिषद को लाइसेंस फीस वसूलनी है। सबसे ज्यादा चर्चित मामला बाबा खड़ग सिंह मार्ग पर स्थित पार्किंग का है। ये पार्किंग डिम्ट्स को आबंटित की गई है और इसे वापस लेने का मामला दो साल से अटका पड़ा है, जिस पर कोई भी गंभीर फैसला नहीं हो पा रहा है।

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