पुणे में विधान परिषद की एक सीट पर एनसीपी और भाजपा की ओर से दावा पेश किया गया था लेकिन अब इस चुनावी लड़ाई में शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) भी कूद गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद यह पहला ऐसा चुनाव हो सकता है जिसमें एनसीपी और एनसीपी (एसपी) आमने-सामने आ सकते हैं।

जून के महीने में महाराष्ट्र में विधान परिषद की 17 सीटों के लिए चुनाव होना है।

विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी की ओर से किए गए ऐलान के तहत एनसीपी (एसपी) पुणे, ठाणे और सतारा की सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी जबकि शिवसेना (यूबीटी) 4 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।

महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बताया कि दो सीटों को लेकर फैसला अभी नहीं हुआ है।

पुणे में थी अजित पवार की पकड़

विधान परिषद की इन सीटों में से पुणे की सीट काफी अहम है क्योंकि इस सीट का जिले की राजनीति में प्रभाव है। अजित पवार की लंबे समय तक पुणे की राजनीति पर मजबूत पकड़ रही थी।

पुणे जिले की स्थानीय निकाय परिषदों में सत्ताधारी गठबंधन ताकतवर है और इसलिए यहां विधान परिषद के चुनाव में मुख्य मुकाबला महायुति में शामिल सहयोगी दलों के बीच ही माना जा रहा है।

बीजेपी की है नजर

बीजेपी नेता गणेश बिडकर का कहना है कि अगर पार्टी यहां से चुनाव लड़ती है तो वह यहां जीत दर्ज कर सकती है।दूसरी ओर, एनसीपी भी पुणे जिले में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखना चाहती है।

एनसीपी ने बीजेपी के दावे को किया खारिज

पुणे में एनसीपी के प्रमुख सुनील टिंगरे ने बीजेपी के इस दावे को खारिज किया कि वह स्थानीय निकायों में ज्यादा ताकतवर है। उन्होंने कहा कि एनसीपी के पास पुणे के स्थानीय निकायों में ज्यादा निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और महायुति गठबंधन में सीट बंटवारे का जो समझौता है, उसके तहत एनसीपी को ही यहां से चुनाव लड़ना चाहिए।

सुनील टिंगरे ने कहा कि पार्टी में कई उम्मीदवार हैं जो चुनाव लड़ना चाहते हैं। पुणे के स्थानीय निकायों में एनसीपी (एसपी) के जीते हुए प्रतिनिधियों की संख्या कम है लेकिन उसे ऐसा लगता है कि महायुति गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच वोटों का बंटवारा होने का फायदा उसे मिल सकता है।

MLC चुनाव से पहले महायुति में खींचतान

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों के लिए सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है। इस बीच, शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दिल्ली पहुंचे हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।