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कैप्टन अमिरंदर के खिलाफ नवजोत सिंह सिद्धू ने खोला मोर्चा, कहा- खुद डूबेंगे, सबको साथ ले डूबेंगे, पार्टी में खलबली

उन्होंने कहा, "यह सरकार या पार्टी की विफलता नहीं है, बल्कि एक व्यक्ति जो अपराधियों के साथ हाथ मिला रहा है।"

Author Edited By Sanjay Dubey चंडीगढ़ | Updated: April 22, 2021 3:43 PM
Punjab, Congress, Captain Amrinder singhपंजाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस फाइल)

कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब में अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ फिर से तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। इससे सत्ताधारी पार्टी के अंदर बेचैनी साफ दिख रही है, लेकिन कोई नेता उस पर कुछ भी कहने और उनको रोकने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहा है।

पिछले दो हफ्तों में सिद्धू ने न केवल सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृहनगर पटियाला में दो प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर उनकी जमकर आलोचना की, बल्कि ट्विटर, फेसबुक और अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो भी अपलोड किया। सिद्धू ड्रग्स मामले और बरगाड़ी बेअदबी मामले के दोषियों के खिलाफ एक्शन नहीं लेने पर सरकार को कोसे। बुधवार को सिद्धू ने अपने सोशल मीडिया फीड में एक कदम और आगे बढ़ गए। उन्होंने पंजाबी भाषा में लिखा, “सोची सांझी, मिली जुली योजना है, जिस्दा मक़साद … आप तान डबंगे, सब नाल नाल लाई के डबंगे (यानी खुद डूबेंगे, सबको साथ ले डूबेंगे)। उन्होंने कहा, “यह सरकार या पार्टी की विफलता नहीं है, बल्कि एक व्यक्ति जो अपराधियों के साथ हाथ मिला रहा है।”

इस संदेश के साथ, सिद्धू ने अपने विभिन्न भाषणों की क्लिपिंग भी अपलोड की, जिसमें 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने के बाद जब उन्होंने बैंस भाइयों और उनके सहयोगी परगट सिंह के साथ मीडिया को संबोधित किया था, भी शामिल थी।

इस दौरान उन्होंने पंजाब के तमाम राजनीतिक विरोधियों के बीच ‘अनैतिक सांठगांठ’ होने का भी आरोप लगाया था। इन क्लिपों में एक में वह कहते हैं कि दिन के समय सभी एक दूसरे से भिड़ जाते हैं और शाम को वे सब फॉर्महाउस में साथ में बैठकर शराब पीते हैं।

वीडियो ने बुधवार को कांग्रेस में काफी हंगामा मचाया, कुछ कांग्रेसी नेताओं ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर सीएम के साथ चर्चा करनी होगी। उनसे कहना पड़ेगा कि इस मामले को लेकर उन्हें हाईकमान से बात करनी चाहिए, क्योंकि अमरिंदर के नेतृत्व में होने वाले चुनावों में सिद्धू कांग्रेस की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पहले कई मंत्री सिद्धू को जवाब देने के लिए खुलकर सामने आया करते थे, लेकिन इस बार कोई भी नेता इस मामले में सामने आकर बोलने को इच्छुक नहीं है।

उन्होंने कहा कि “जो लोग ऐसा सोच रहे हैं कि सिद्धू की पैदा की गई यह समस्या समय के साथ खत्म हो जाएगी, वे गलत हैं। ऐसा नहीं हो सकता है। हमें इसका उपाय खोजना ही होगा।”

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