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भाखड़ा बांध व बीबीएमबी अध्यक्ष को राष्ट्रीय पुरस्कार

50 वर्षो से अधिक समय से क्रियाशील 'भाखड़ा बांध' को भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड (बीबीएमबी) की 'सर्वोत्तम अनुरक्षित परियोजना के रूप में राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया।

Author चंडीगढ़ | January 5, 2018 4:57 AM

50 वर्षो से अधिक समय से क्रियाशील ‘भाखड़ा बांध’ को भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड (बीबीएमबी) की ‘सर्वोत्तम अनुरक्षित परियोजना के रूप में राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया। इसके साथ ही बीबीएमबी के अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार शर्मा को सीबीआईपी का विशेष अद्वितीय नेतृत्व अवार्ड दिया गया। परियोजना के उत्कृष्ट रख-रखाव तथा प्रचालन और राष्ट्र के लिए इसकी सेवा को देखते हुए, केन्द्रीय सिंचाई एवं विद्युत बोर्ड (सीबीआईपी) ने उच्च स्तरीय ज्यूरी की सिफारिशों के आधार पर ये पुरस्कार प्रदान किए। प्रशास्ति-पत्र में कहा गया है कि भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड को लाभानुभोगियों को विश्वसनीय जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भाखड़ा बांध तथा संबद्ध जल संवाहक प्रणाली के उचित रखरखाव और 100 प्रतिशत उपलब्धता बनाए रखने के लिए भाखड़ा बांध के लिए सर्वाधिक अनुरक्षित परियोजना/संरचना (न्यूनतम 50 वर्ष के कार्यकाल वाली क्रियाशील संरचना) के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है।

बीबीएमबी अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार शर्मा को भारतीय जल एवं विद्युत क्षेत्रों में योगदान के लिए अवार्ड प्रदान किया गया। ये दोनों पुरस्कार देवेन्द्र कुमार शर्मा ने तीन जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित एक पुरस्कार वितरण समारोह में जल संसाधन, नदी विकास व गंगा संरक्षण राज्य मंत्री डॉ. सत्य पाल सिंह से प्राप्त किया।

भारत की प्रतिष्ठित बहुउद्देशीय परियोजना भाखड़ा बांध 22 अक्तूबर, 1963 को राष्ट्र को समर्पित की गई। यह बांध 54 वर्षो से अधिक अवधि से इसके भागीदार राज्यों को उनकी सिंचाई, विद्युत तथा पानी की जरूरतों को पूरा करने हेतु लगातार लगभग 16,000 मिलियन क्यूबेक मीटर पानी तथा 6500 मिलियन यूनिट ऊर्जा की सालाना आपूर्ति कर रहा है।

भाखड़ा बांध के बाएं एवं दाएं किनारे के दो विद्युत घर उत्तरी ग्रिड में 1379 मेगावाट विद्युत का योगदान देते हैं। ऊर्जा संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने जून, 2017 में भाखड़ा बांध के अपने अध्ययन दौरे के दौरान इस विशाल बहुउद्देश्यीय परियोजना-भाखड़ा बांध के प्रचालन एवं अनुरक्षण की बहुत प्रशंसा की थी।

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