ताज़ा खबर
 

शर्मनाक! नेशनल एथलीट्स को ट्रेन में नहीं मिली बैठने की जगह, फर्श पर लेटकर करना पड़ा सफर

एथलीट प्रदीप अत्री ने इस बाबत फेसबुक एक वीडियो के जरिए आपबीती बयान की है। उन्होंने कहा कि उन्हें पिछले दो दिनों में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली के एथलीट्स विजयवाड़ा में हुई प्रतियोगिता से लौट कर आ रहे थे, तभी उन्हें अव्यवस्था का शिकार होना पड़ा। (फोटोः फेसबुक)

राष्ट्रीय स्तर के एथलीट्स को ट्रेन में सफर के दौरान सोमवार को अव्यवस्था का शिकार होना पड़ा। आलम यह था कि उन्हें बैठने तक के लिए जगह नहीं मिली। लगभग 30 घंटे के सफर के दौरान मजबूरी में उन्हें फर्श पर सोना पड़ा। 30 में से सिर्फ दो एथलीट्स के पास कन्फर्म टिकटें थीं। ये एथलीट्स आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हई जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप्स से लौट रहे थे। सोमवार रात साढ़े नौ बजे एथलीट्स का सफर ट्रेन में शुरू हुआ था। वे प्रतियोगिता के बाद बेहद थके हुए थे। मगर उनमें से सिर्फ दो एथलीट्स के पास ही कन्फर्म टिकटें थीं। ऐसे में उनमें से छोटी उम्र के एथलीट्स को ट्रेन की फर्श पर रात बितानी पड़ी। कुछ सीट के नीचे सो गए, तो कुछ अस्थाई तौर पर खाली सीटों पर बैठे रहे। हालांकि, बाद में जब उन आरक्षित सीटों पर यात्री आए, तो उन्हें वे सीटें खाली करनी पड़ीं।

एथलीट प्रदीप अत्री ने इस बाबत फेसबुक एक वीडियो के जरिए आपबीती बयान की है। उन्होंने कहा कि उन्हें पिछले दो दिनों में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ एथलीट्स को घंटों तक खड़े रहना पड़ा। पल भर के लिए उन्हें सीट पर बैठने को नहीं मिला। वहीं, कुछ को टॉयलेट के पास रात गुजारनी पड़ी। एक अन्य एथलीट ने बताया कि सफर की वजह से उनके बदन में अभी भी दर्द है। फिलहाल वह अस्पताल में हैं और फिजियोथेरेपी करा रहे हैं। चूंकि उनकी मांसपेशियों में पहले से ही मोच थी और सफर के चलते उनका दर्द दोगुना हो गया।

दिल्ली एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव संदीप मेहता ने कहा कि ऐसा प्रतियोगिता के टलने के कारण हुआ है। कार्यक्रम 10 नवंबर को शुरू होना था, जिसकी तारीख बाद में 16 नवंबर की गई। बिना तारीख के टिकट बुक नहीं की जा सकती थीं। हम आखिरी तारीखें आने के इंतजार में थे। विजयवाड़ा तक की टिकटें बुक थीं, लेकिन कार्यक्रम टलने के चलते वहां से एथलीट्स के लौटने के लिए टिकटों का बंदोबस्त नहीं हो सका। मेहता के मुताबिक, ट्रेन से टीम के सिर्फ 18 एथलीट्स लौटे हैं।

प्रदीप ने उनके इस दावे को गलत बताते हुए पूछा कि फेसबुक पर पोस्ट किए गए वीडियो में सिर्फ एक कंपार्टमेंट दिखता है। वे लोग पूरी ट्रेन में जगह-जगह फैले हुए थे। एक एथलीट तो घंटों खड़े रहने के बाद बेहोश भी हो गया था। उन्हें इस तरह क्यों अपमानित क्या जा रहा है? आगे वीडियो में स्प्रिंटर शबनम शौकीन मिडिल बर्थ पर झुक कर बैठे नजर आ रहे हैं।

सफर के दौरान ट्रेन में जगह न मिलने पर फर्श पर इस तरह एथलीट को सोना पड़ा। (फोटोः फेसबुक)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App