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नोएडा में मोदी ने कहा- संसद चलने देने का संकल्‍प ले कांग्रेस, वहां मौका नहीं मिला इसलिए सभा में बोल रहा हूं

प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में कामकाज सुचारु तौर से होना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कांग्रेस की ज्यादा है क्योंकि उन्होंने छह दशक से अधिक समय तक सत्ता का सुख भोगा है।

Author January 22, 2016 1:13 PM
नोएडा में दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस वे का शिलान्‍यास करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत विकास की ओर बढ़ रहा है। शहर और गांवों को हाईवे से जोड़ा जा रहा है। जिससे गांव और शहर के बीच दूरी न रहे। दिल्ली के चारों तरफ सौ किमी तक विकास किया जाएगा और प्रदूषण मुक्त शहर बनाए जाएगें। मोदी नोएडा के 62 सेक्टर में दिल्ली डासना मेरठ एक्सप्रेस वे का शिलान्यास करने बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। पहले चरण में 74 किमी लंबा एक्सप्रेस वे का निर्माण होगा। प्रधानमंत्री के साथ प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक , नितिन गड़करी और पर्यटन मंत्री महेश शर्मा भी मौजूद थे।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने कांग्रेस से नए साल में यह संकल्प लेने को कहा कि वह देश के विकास की खातिर संसद में कामकाज चलने देगी। मोदी ने कहा कल एक जनवरी है । जब आप नववर्ष मनाने जा रहे हैं, आपको संसद को चलने देने और कामकाज होने देने और देश के विकास के मार्ग में कोई बाधा खड़ी नहीं करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि छह दशक तक सत्ता का सुख भोगने के बाद उसे राजनीतिक कारणों से संसद में कामकाज नहीं होने देने और देश के विकास को रोकने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भारत का दुर्भाग्य है कि संसद में जो कानून बनाने का स्थान है, वहां कामकाज नहीं होने दिया जा रहा है। जिन लोगों को जनता ने खारिज कर दिया है, वे कामकाज नहीं होने दे रहे हैं। मोदी ने कहा कि वे संसद को चलने नहीं दे रहे हैं। मैं इन राजनीतिक दलों से कहूंगा कि वे ऐसा न करें । चूंकि मुझे लोकसभा में बोलने का मौका नहीं मिला, इसलिए मैं ‘जनसभा’ में अपनी बात रख रहा हूं। जनता ने हमें संसद में चर्चा, बहस और निर्णय करने के लिए भेजा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में कामकाज सुचारु तौर से होना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कांग्रेस की ज्यादा है क्योंकि उन्होंने छह दशक से अधिक समय तक सत्ता का सुख भोगा है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि लोगों ने जो काम हमें सौंपा है, उसे पूरा किया जाए । यह जिम्मेदारी उन लोगों की अधिक है जिन्होंने 60 सालों तक देश पर शासन किया । वे जानते हैं कि संसद की जिम्मेदारी क्या होती है। यह विशेष तौर पर उनकी जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके राजनीतिक कारणों से देश का विकास अवरूद्ध न हो । उनकी अधिक जिम्मेदारी है क्योंकि जनता ने उन्हें छह दशक तक देश को चलाने का अवसर दिया । मोदी ने कहा कि मैं उन लोगों की नाराजगी को समझ सकता हूं जिन्हें देश चलाने का मौका नहीं मिला । लेकिन जिन्होंने साठ सालों तक सभी तरह का सत्ता का सुख भोगा, उन्हें संसद को बाधित करने और कामकाज नहीं होने देने का कोई अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री की ओर से संसद में कामकाज नहीं होने के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना ऐसे समय में साधा गया है जब हाल में संपन्न संसद के शीतकालीन सत्र में जीएसटी समेत कुछ महत्वपूर्ण सरकारी विधेयक विपक्षी पार्टी के साथ गतिरोध के कारण पारित नहीं हो सके।

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने कहा कि इस एक्सप्रेस के वनने से उत्तराखंड समेत मुरादाबाद को रफ्तार मिलेगी। सुपर एक्सप्रेस वे को बनाने में कु 7566 करोड़ की लागत आएगी और और इस 14 लेन के सुपर एक्सप्रेस वे के लिए ज़मीन अधिग्रहण के साथ साथ तमाम विभागों की जल्द ही एनओसी ले ली जाएगी । इस एक्सप्रेस वे का पहला चरण दिल्ली से डासना तक बनेगा । पहला चरण तैयार होने के बाद गाज़ियाबाद मोदीनगर नोएडा व दिल्ली के उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी । जिन लोगों को रोजाना अपने दफ्तर और काम से जाना आना पड़ता है। आज के वक्त में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को दिल्ली के लिए जाम के कारण घंटो में सफर तय करना पड़ता है मगर इस एक्सप्रेस वे के तैयार होने पर इस इलाके के लोगों की जिंदगी में रफ़्तार आ जाएगी । वे 45 मिनट में दिल्ली और मेरठ का सफर तय कर लेंगे। जबकि हापुड़ से दिल्ली 25 से तीस मिनट में तय कर ली जाएगी। इस एक्सप्रेस वे को ढाई साल में पूरा कर लिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने नए साल पर देश के युवाओ को तोहफा दिया है और कहा कि एक जनवरी 2016 से केंद्र सरकार की ग्रुप सी और डी की नौकरी के लिए इंटरव्यू नही देना पड़ेगा । इससे युवाओं को काफी फायदा होगा । साथ ही प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ साथ देश के बांकी राज्यो में भी इस प्रणाली को लागू करने की अपील की है। सुपर एक्सप्रेस वे के निर्माण में जो ज़मीन का अधिग्रहण होगा उसको लेकर विरोध भी झेलना पड़ सकता है। दिल्ली से मेरठ तक के इस एक्सप्रेस वे के चौड़ीकरण के काम में कुछ पुराने मजार, मन्दिर, स्कूल, कालेज, गाँवों व कस्बों की आबादी और बाजार को हटना पड़ेगा । अखिलेश के प्रदेश में इतनी बड़ी योजना के शिलान्यास के मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नही हुए । इसके पीछे जो बड़ी वजह बताई जा रही है कि यूपी के सीएम नोएडा आने को लेकर एक अन्धविश्वास मानते है की जो भी सीएम नोएडा आते है उनकी सत्ता चली जाती है। इसी डर के चलते शायद सीएम इस कार्यक्रम में नही पहुँचे और अपनी जगह पीएम की अगुआई करने के लिए प्रदेश मंत्री शाहिद मंजूर को भेजा ।

 

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