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‘मोदी भक्त’ से क्यों बन गए मोदी विरोधी, हमशक्ल अभिनंदन पाठक ने कही अपने मन की बात

2019 Lok Sabha Election: 2014 में 90 दिन तक वाराणसी में रहकर पीएम नरेन्द्र मोदी के लिए प्रचार करने वाले हमशक्ल अभिनंदन पाठक अब मोदी विरोधी नजर आ रहे हैं। ऐसे में जनसत्ता.कॉम ने की उनसे खास बातचीत और जाना उनके बदलते रुख का कारण।

अभिनंदन पाठक, राहुल गांधी और पीएम नरेन्द्र मोदी, फोटो सोर्स- जनसत्ता.कॉम

2019 Lok Sabha Election: 2014 में नरेंद्र मोदी का जमकर प्रचार करने वाले उनके हमशक्ल अभिनंदन पाठक अब उनके विरोधी हो गए हैं। पाठक का कहना है कि पीएम मोदी ने जो वादे किए वो पूरे नहीं किए। वे सिर्फ अपने मन की बात करते हैं, किसी के मन की बात सुनते नहीं है। पिछले दिनों दिल्ली के जंतर मंतर पर Jansatta.com ने मोदी के इस हमशक्ल से बातचीत की। आइए जानते हैं मोदी के समर्थन से लेकर अब विरोध करने को लेकर पाठक ने क्या कहा। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के लिए प्रचार करते वक्त राहुल गांधी ने अभिनंदन पाठक से मुलाकात भी की थी। इस दौरान हमने सवाल किए और पढें अभिनंदन पाठक ने उनके क्या जवाब दिए…

मोदी के सपोर्ट से लेकर मोदी के खिलाफ होने तक, क्यों?
साढ़े चार वर्षों में जो वादे किए गए अच्छे दिन के वो पूरे नहीं हो पाए। युवाओं को रोजगार नहीं मिला। 15 लाख खाते में नहीं आए, काला धन वापस नहीं आया, बातें ही बातें हुई हैं।  मन की बात कहने वाले मन की बात नहीं सुनते, मैंने ये अहसास किया। इस बात को लेकर रोष है। सैकड़ों पत्र मैंने लिखे, पर कोई सुनवाई नहीं। रोष का हकदार इसलिए भी हूं कि 90 दिन 2014 में भूखे रहकर प्रचार प्रसार किया था वाराणसी में। बड़ोदरा में भी प्रचार किया था। एक भक्त के रूप में जो इतनी श्रद्धा रखता है इसकी बात न सुनी जाए तो रोष रखना स्वभाविक है।

2019 में किसके लिए प्रचार करेंगे?
अभी जो छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव हुए हैं उसमें मेरी विशेष भूमिका रही है। यही मेरा स्पष्ट संकेत है। बता दें कि 2018 में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में अभिनंदन पाठक ने कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार किया था। इस दौरान राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात करते हुए फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर की थी।

मोदी से कब मुलाकात हुई?
2014 में माननीय मोदी जी ने वाराणसी में 8 मई को मुझे अपने चरणों से उठाकर गले लगाया था। उनकी माता जी ने मुझे आशीर्वाद दिया। 10 रुपये का नोट भी दिया। मन की बात कहने वालों को मन की बात सुननी भी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि मैं मन की बात कहूंगा ही नहीं, सुनूंगा भी।

पीएम मोदी को ‘मोदी’ का क्या संदेश?
भारत की जनता को जो उन्होंने वादे किए हैं और पीएम पद की जो गरिमा है उसका ध्यान रखते हुए वो जुमलों को कम छोड़ें। जमीना स्तर पर करने का काम करें। आपके चौकीदारी में देश का खजाना बाहर जाता है तो ये प्रश्न लगाता है आप पर।

 

कौन हैं अभिनंदन पाठक?
अभिनंदन पाठक पीएम नरेंद्र मोदी के हमशक्ल हैं। वे 2014 में पीएम मोदी के लिए प्रचार कर चुके हैं। पाठक खुद कहते हैं कि वाराणसी में वे 90 दिनों तक रहे। पाठक फिलहाल लखनऊ में रहते हैं और राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेते रहते हैं। उनकी मुलाकात यूपी के कांग्रेस अक्ष्यक्ष राज बब्बर से भी हो चुकी है। पाठक कह चुके हैं कि लोग उनके पास आते थे पूछते थे कि अच्छे दिन कब आएंगे। मुझे इसके लिए लोग मार भी चुके हैं, कपड़े भी फाड़ चुके हैं।

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