ताज़ा खबर
 

कोर्ट में जज ने कहा- संंगठन की मदद से की गई दाभोलकर, पनसारे की हत्‍या, दोनों कत्‍ल के जुड़े हैं तार

हाईकोर्ट ने कहा कि कोई ना कोई संगठन कातिलों की मदद कर रहा था। कत्ल करने वालों को आर्थिक मदद भी दी जा रही थी।

नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पंसारे

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार (23 अगस्त) को नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पंसारे की हत्या मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि दोनों को पहले से प्लान के तहत मारा गया था। कोर्ट ने कत्ल के पीछे किसी संगठन के होने की भी आशंका जाहिर की। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले की आगे जांच होनी चाहिए और दोषियों को बक्शा नहीं जानना चाहिए। मामले की सुनवाई जस्टिस एससी धर्माधिकारी और विभा कांकनवादी कर रहे थे। दोनों के कहा कि हत्याओं के पीछे कोई साजिश और संगठन था। दरअसल, राज्य की सीआईडी और सीबीआई ने पंसारे और दाभोलकर मामले पर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

उसके बाद जस्टिस धर्माधिकारी ने कहा कि रिपोर्ट देखकर लगता है कि कोई ना कोई संगठन कातिलों की मदद कर रहा था। कत्ल करने वालों को आर्थिक मदद भी दी जा रही थी। लगता है कि दोनों हत्यों को प्लान करके किया गया था। दाभोलकर की हत्या के पीछे सीबीआई ने सारंग अकोलकर और विनय पंवार का हाथ बताया था। लेकिन दोनों में से किसी को पकड़ा नहीं जा सका था।

दाभोलकर को अगस्त 2013 में मारा गया था। वहीं गोविंद पंसारे का 20 फरवरी 2015 को कत्ल हो गया था। उसके बाद 30 अगस्त को एम एम कुलबुर्गी की भी हत्या हुई थी। उसे भी बुद्धिजीवियों की हत्याओं से जोड़कर देखा गया था।

जज धर्माधिकारी ने सीआईडी को सलाह दी कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर कातिलों को पकड़ना चाहिए। धर्माधिकारी ने कहा कि ATM से निकाले गए पैसे, रेल बुकिंग, राज्यों के बॉर्डर्स पर तैनात लोगों की मदद से उन लोगों को पकड़ा जाना चाहिए। जजों ने कहा कि कोई भी शख्स बिना मदद के इतने लंबे वक्त तक छिपकर नहीं रह सकता। जजों ने कहा कि दोनों एजेंसियों को उनकी दी गई सलाह को मानते हुए काम करके अगली सुनवाई पर रिपोर्ट पेश करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 13 सितंबर को होनी है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App