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AAP के विधायकों का सदन में हल्ला बोल, जंग की आरजू और इंतजार

दिल्ली विधानसभा के दो दिन के विशेष सत्र में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन में उपराज्यपाल के खिलाफ जम कर हल्ला बोला और उन पर कई आरोप भी लगाए।

Author नई दिल्ली | Published on: June 10, 2016 1:41 AM
najeeb jung, aam aadmi party, ration shops, ration shops licenceआम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन में उपराज्यपाल के खिलाफ जम कर बोला हल्ला

राशन की एक दुकान के लाइसेंस की बहाली मेंं हुई कथित अनियमितताओं और उपराज्यपाल नजीब जंग की ‘भूमिका’ की जांच के लिए विशेष जांच समिति के गठन पर जंग ने मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के शेर का हवाला देते हुए कहा, ‘उम्र-ए-दराज मांग कर लाए थे चार दिन, दो आरजू में कट गए, दो इंतजार में’। जोर देते हुए कहा कि उन्होंने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ‘अपीलीय प्राधिकार’ के तौर पर राशन की दुकान का लाइसेंस फिर से बहाल किया। राशन की दुकान के लाइसेंस पिछले साल रद्द कर दिए गए थे।समिति मेंं आप के नौ विधायक हैं, इसमें शामिल भाजपा के एकमात्र विधायक जगदीश प्रधान ने खुद को समिति से अलग कर लिया है।

दिल्ली विधानसभा के दो दिन के विशेष सत्र में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन में उपराज्यपाल के खिलाफ जम कर हल्ला बोला और उन पर कई आरोप भी लगाए। सदन में उपराज्यपाल द्वारा राशन की एक दुकान के लाइसेंस को फिर से बहाली के लिए दिए एक आदेश के खिलाफ एक कमेटी बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। भाजपा ने इस प्रस्ताव का विरोध किया और सदन से वाकआउट कर दिया। सदन में दिल्ली नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई और आप विधायकों ने भाजपा शासित तीनों निगमों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

सदन में सत्ता पक्ष के संजीव झा ने दिल्ली के उपराज्यपाल के एक आदेश पर चर्चा शुरू की। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के संतनगर में एक राशन का दुकानदार लोगों को राशन नहीं देता। विधायक ने कहा कि राशन के अधिकारियों ने उस दुकान पर छापा मारा और कई अनियमितताएं पार्इं। झा ने कहा कि राशन विभाग ने उस दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया। विधायक के मुताबिक, उस राशन दुकानदार ने दिल्ली के उपराज्यपाल के समक्ष शिकायत करके दुकान का लाइसेंस बहाल करने की मांग की। विधायक झा ने बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल करके न केवल उस दुकान का लाइसेंस बहाल किया, बल्कि दिल्ली के पुलिस आयुक्त को उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दे दिया। झा ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल ने राशन माफिया को फायदा पहुंचाने के मकसद से एक साजिश रची और दुकानदार का लाइसेंस बहाल करके उन अफसरों को धमकाया, जिन्होंने राशन दुकानदार के खिलाफ आदेश पारित किया था।

सदन में इसी मामले में सत्ता पक्ष के विधायक मदनलाल ने कहा कि उपराज्यपाल कार्यालय भ्रष्ट तरीके अपना रहा है और कुछ लोगों को फायदा पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि बेईमान लोग जो गरीब का राशन खा रहे हैं, उन्हें छूट दी जा रही है। जिन अफसरों ने बेईमानों के खिलाफ कार्यवाई की, उन्हें धमकाया जा रहा है। विधायक मदनलाल ने सदन से एक कमेटी बनाने की मांग की, जो इस पूरे मामले की जांच करे। सोमनाथ भारती ने कहा कि आप शोषितों की पार्टी है। इसके विधायक काफी समय से राशन माफिया के खिलाफ संघर्ष करते रहे हैं। सत्ता पक्ष के जरनैल सिंह ने भी एक कमेटी बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राशन चोरों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने भी एक कमेटी बनाने का समर्थन किया। सत्ता पक्ष के अमानतुल्ला खान ने भी इस मामले में एक कमेटी बनाने का समर्थन किया। सत्ता पक्ष के सौरभ भारद्वाज इस मामले में एक कमेटी बनाने का प्रस्ताव लेकर सदन में आए।

सौरभ भारद्वाज ने संशोधित प्रस्ताव रखा, जिसमें जगदीश प्रधान की जगह पर भावना गौड़ का नाम शामिल कर दिया। ये कमेटी जांचेगी कि किस आधार पर अधिकारियों ने राशन की दुकान का लाइसेंस रद्द किया, उपराज्यपाल ने किस आधार पर उस दुकान के लाइसेंस को बहाल किया, क्या लाइसेंस की बहाली में रिश्वतखोरी हुई। इस तरह के अन्य मामलों की भी ये कमेटी जांच करेगी। ये कमेटी आगामी विधानसभा के सत्र से पहले अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।

विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने इस प्रस्ताव को सदन के समक्ष रखा और ये प्रस्ताव पारित हो गया। सदन में भाजपा शासित तीनों नगर निगमों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा शुरू हुई है। सत्ता पक्ष के नितिन त्यागी ने कहा कि तीनों निगमों में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है। 22 हजार से ज्यादा उन लोगों को तनख्वाह दी जा रही थी, जो निगमों में काम ही नहीं करते हैं। निगम अपने कर्मचारियों का शोषण कर रहा है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली नगर निगम को इतनी राशि दे रही है, जितनी आज तक किसी भी सरकार ने नहीं दी है। निगम के लोग कर्मचारियों को उनकी तनख्वाह देने के बजाए, वे राशि पता नहीं कहां पर खर्च कर देते हैं। इस मामले पर शुक्रवार को भी चर्चा जारी रहेगी।

 

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