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नैनीताल हाई कोर्ट ने दिया ईवीएम सील करने का आदेश

भारत सरकार, केंद्रीय निर्वाचन आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखंड के मुख्य सचिव, देहरादून के जिला निर्वाचन अधिकारी, विकासनगर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी और विकास नगर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए विधायक मुन्ना सिंह चौहान को भेजा नोटिस। छह हफ्ते के भीतर अदालत में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए।
हाई कोर्ट के एकल पीठ के न्यायाधीश ने विकासनगर के न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में केंद्रीय निर्वाचन आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग व जिला निर्वाचन अधिकारी को इस विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल की गईं सभी ईवीएम को सील करने के आदेश दिए।

नैनीताल हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए देहरादून के विकासनगर विधानसभा क्षेत्र की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को सील करने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट के एकल पीठ के न्यायाधीश ने विकासनगर के न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में केंद्रीय निर्वाचन आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग व जिला निर्वाचन अधिकारी को इस विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल की गईं सभी ईवीएम को सील करने के आदेश दिए। अदालत ने कहा कि विकासनगर विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम मशीनों को विकासनगर के न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने सील कर न्यायालय को सूचित किया जाए। नैनीताल हाई कोर्ट ने इस बारे में भारत सरकार, उत्तराखंड के मुख्य सचिव व विकासनगर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी को भी नोटिस भेजा है। नैनीताल हाई कोर्ट के न्यायाधीश ने भारत सरकार, केंद्रीय निर्वाचन आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखंड के मुख्यसचिव, देहरादून के जिला निर्वाचन अधिकारी, विकासनगर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी और विकास नगर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए विधायक मुन्ना सिंह चौहान को छह हफ्ते के भीतर न्यायालय में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
विकासनगर विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात ने विकासनगर विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए 24 मार्च को हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याची ने अपने विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम मशीनों की हैकिंग और उनसे छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए ईवीएम मशीनों की जांच कराने की मांग की थी।
याची विकासनगर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक नवप्रभात के वकील बीपी नौटियाल ने नैनीताल हाई कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ईवीएम मशीनों को सील करने का पूरे देश में यह पहला मामला है। उन्होंने कहा कि याची की ओर से दाखिल याचिका में ईवीएम मशीनों में छेड़छाड़ करने के साथ-साथ अदालत को विकासनगर विधानसभा क्षेत्र में फर्जी वोटरों के बारे में तर्कों के साथ यह भी बताया गया कि मुन्ना सिंह चौहान ने आठ हजार से ज्यादा मतदाताओं को दो-दो विधानसभा क्षेत्रों चकरौता और विकासनगर में मतदाता बनवाया और प्राप्त सूचना के अनुसार इन मतदाताओं ने 15 फरवरी को मतदान के समय दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान किया है, जिसकी पुष्टि मतदाता सूची संबंधित रिकार्ड से होगी। खुद चौहान का भी दो जगह मतदाता सूची में नाम दर्ज है। न्यायालय ने इस बिंदु को भी गंभीरता से लिया।

नौटियाल ने बताया कि जल्दी ही राज्य निर्वाचन आयोग को न्यायालय के आदेश भिजवाकर वोटिंग मशीन सील कराने की कार्यवाही करवाई जाएगी। याची के वकील नौटियाल ने बताया कि हमने याची की ओर से अदालत में यह तर्क रखा कि मतदान के समय याची को विकासनगर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी ने जिन ईवीएम मशीनों का नंबर मतदान कराए जाने के लिए दिया था, उनमें से कई अलग-अलग मतदान केंद्रों में उन मशीनों के बजाए अन्य दूसरे नंबरों की ईवीएम मशीनों का उपयोग मतदान के लिए किया गया था। इनमें से नौ मतदान केंद्रों में ईवीएम मशीनों के बदलने की सूचना दस्तावेजों सहित अदालत के समक्ष रखी गई और इन ईवीएम को सील कर सुरक्षित कराने की मांग की गई।

हाई कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए न्यायिक अधिकारी की उपस्थिति में सभी ईवीएम मशीनों को सील कर सुरक्षित रखने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि यह एक बहुत गंभीर मामला है और यह एक तरह से बूथ कैप्चरिंग का मामला बनता है।  याची व पूर्व विधायक नवप्रभात ने पत्रकारों को बताया कि हमने नैनीताल हाई कोर्ट में वोटों की पुनर्गणना के बारे में अपना पक्ष नहीं रखा बल्कि ईवीएम मशीनों के साथ हुई छेड़छाड़ की बात तथ्यों के साथ रखी। उन्होंने न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश के इतिहास में ईवीएम मशीनों को सील करने का यह पहला मामला है। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले के बाद भाजपा में बचैनी बढ़ गई है।

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