उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान हुए जोरदार हंगामे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपनी गहरी नाराजगी और दुख जाहिर किया है। सदन की कार्यवाही के दौरान हुए घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए महाना ने कहा कि मैं आत्मावलोकन करूंगा कि मैं इस पद के काबिल भी हूं या नहीं।

सतीश महाना ने कहा, “सहमति और असहमति लोकतंत्र का अंग है, लेकिन भाषा की मर्यादा रहनी चाहिए, लेकिन कल सदन में जो हुआ मैं उससे दुखी और पूरी तरह से निराश हू्ं। मुझे पहली बार यह महसूस हुआ कि या तो हमारे प्रयास में कोई कमी रह गई या फिर डॉ. आबेंडकर की बात सही है कि कमी संविधान में नहीं, बल्कि व्यक्तियों में हुई। जिस व्यक्ति को हम यह कहते थे कि वह इस विधानसभा का रोल मॉडल हैं, उसी ने हंगामा किया।”

मेरी एक लंबी राजनीतिक पारी रही है- स्पीकर

स्पीकर सतीश महाना ने आगे कहा, “हमने रोका लेकिन इसके बावजूद चलता रहा। बाहर उन्होंने जो भाषा बोली उससे भी मेरे मन में वेदना और काफी पीड़ा उत्पन्न की। ये बहुत ही निराशाजनक है अगर सदन का आचरण इसी तरह उच्च स्तरीय योग्यता के पश्चात भी अपेक्षित स्तर का नहीं होगा, तो आने वाले समय में विधायिका निर्थक हो जाएगी। मेरी एक लंबी राजनीतिक पारी रही है, जो कि अंतिम चरण में है। परंतु मेरी यह आशा और प्रयास रहा है कि अध्यक्ष के रूप में हम इस विधायिका का कुछ ऋण वापस कर सकें।”

मै इस कुर्सी के लिए योग्य हूं या नही- सतीश महाना

बीते दिनो यूपी विधानसभा मे अध्यक्ष सतीश महाना का वीडियो सोशल मीडिया में खासा चर्चा का विषय बना रहा, जिस पर लोगो ने सतीश महाना व्यवहार की घोर आलोचना की। इसको लेकर महाना ने कहा, “मेरे मना करने के पश्चात भी जिन सदस्यो के द्वारा, यहां की फोटो और वीडियो रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर डाली वो अत्यंत निन्दनीय है मुझे बहुत दुख है और मुझे इस बात के लिए गम्भीरता के साथ विचार करना पड़ेगा कि मै इस कुर्सी के लिए योग्य हूं कि नही हूं।”

विपक्ष ने राम मंदिर चंदा चोरी पर चर्चा की मांग की

जैसे ही बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सपा सदस्य सदन के बीचों-बीच (वेल में) आ गए और चढ़ावे की चोरी पर तुरंत चर्चा की मांग करने लगे। स्पीकर सतीश महाना ने नियम 311 के तहत विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने स्पष्ट किया कि जब मामला विचाराधीन है और सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई कर रहा है, तो ऐसे मुद्दों पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती।

उन्होंने आगे कहा कि एसआईटी मामले की जांच कर रही है, 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और चोरी हुए चढ़ावे के लाखों रुपये बरामद कर लिए गए हैं। लेकिन विपक्षी सदस्य बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और चोरी में उनकी संलिप्तता का आरोप लगाते रहे। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने भी इस मुद्दे पर बहस की मांग की, क्योंकि यह पूरे देश और लोगों की आस्था का मामला है।

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उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक बजट पेश किया, जो कि 59,019.54 करोड़ रुपये का है। वित्त मंत्री ने कहा कि कामकाज की मांगों के आधार पर ही अनुपूरक बजट पेश किया गया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…