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पिता यशवंत सिन्हा क्यों करते हैं मोदी की इतनी आलोचना, पूछने पर यह बोले जयंत सिन्हा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा आए दिन पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हैं। लेख लिखकर वह कभी चुनाव हारने कारण गिनाते हैं तो किसी मौके पर भाजपा को जनता पर बोझ बताते हैं। ऐसे में, सवाल उठता है कि खुद भाजपा में होकर वह पार्टी के खिलाफ क्यों बयान देते हैं। यही बात यशवंत के बेटे और नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा से पूछी गई।

जयंत सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे हैं। (फोटोः फेसबुक/इंडियन एक्सप्रेस)

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा आए दिन अपनी पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते रहते हैं। लेख लिखकर वह कभी चुनाव हारने के कारण गिनाते हैं तो किसी मौके पर भाजपा को जनता पर बोझ बताते हैं। ऐसे में, सवाल उठता है कि खुद भाजपा में होकर वह पार्टी के खिलाफ क्यों बयान देते हैं। यही बात यशवंत के बेटे और नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा से पूछी गई। जयंत ने कहा कि ये सब आप उन्हीं (पिता) से पूछिए। सियासत में सबको अपनी बातें रखने का अधिकार होता है। मंत्री ने इसी के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने पिता को अपना आदर्श बताया।

आपको बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री ने एक न्यूज वेबसाइट के लिए लेख लिखा था। उन्होंने इसमें एनडीए से घटक दलों का नाता टूटने को लेकर पार्टी पर निशाना साधा था। लिखा था, “सहयोगी दल एनडीए से पीछा छुड़ाने लगे हैं। वे जनता के मूड को भांप चुके हैं। भाजपा बेहतर साबित होने के बजाय जनता के लिए बोझ बन चुकी है।”

नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने अटल बिहारी वाजपेयी, नरेंद्र मोदी और अपने पिता को आदर्श बताया है। (फोटोः फेसबुक)

जयंत गुरुवार (29 मार्च) को झारखंड में थे। रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में वह पत्रकार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। यहां वह बोले, “मेरे आदर्श अटल बिहारी वाजपेयी, नरेंद्र मोदी और मेरे पिता हैं।” आगे यह पूछने पर कि यशवंत किसे वोट देंगे, जयंत ने जवाब दिया, “पिता अगर मेरे काम से खुश होंगे, तो मुझे वोट देंगे। अन्यथा वह ऐसा नहीं करेंगे।”

पिता द्वारा सिलसिलेवार भाजपा और पीएम मोदी की आलोचना के प्रश्न पर जयंत ने बताया, “यही तो लोकतंत्र की सबसे अच्छी खूबी है कि इसमें सभी बोलने के लिए स्वतंत्र हैं। लोकतंत्र में आलोचना और विरोध होना चाहिए। भाजपा आलोचना का स्वागत करती है। लेकिन चर्चा अपनी जगह है, जबकि आलोचना उससे अलग है।”

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