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फ्रांस में हमलाः राष्ट्रपति मैक्रों के खिलाफ भोपाल में मुस्लिमों का प्रदर्शन, Video शेयर कर बोले BJP नेता- भयावह; लोगों ने पूछा- सरकार किसकी है?

एक हालिया इंटरव्यू में मैक्रों ने फ्रांस की धर्मनिरपेक्षता को सर्वोपरि बताते हुए इस्लाम को संकट में पड़ा धर्म बताया था, साथ ही कट्टरपंथ के खिलाफ सख्ती बरतने की चेतावनी जारी की थी, उनके इस बयान का दुनियाभर में हो रहा विरोध।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र भोपाल | Updated: October 30, 2020 9:57 AM
मध्य प्रदेश के भोपाल में गुरुवार को हुए मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन।

फ्रांस में हालिया समय में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा आम लोगों के सिर काटने और चाकूबाजी जैसी घटनाओं पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सख्त रुख अपनाने की बात कही है। इस पर दुनियाभर में मुस्लिमों ने प्रदर्शन किया। हाल ही में तुर्की से लेकर बांग्लादेश तक मैक्रों के खिलाफ जबरदस्त विरोध हुआ था। भारत में कुछ जगहों पर छिटपुट प्रदर्शन देखे गए, पर अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भी एक वीडियो सामने आया है। जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों को बड़ी संख्या में मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। इससे जुड़ा एक वीडियो ट्वीट कर भाजपा नेता संबित पात्रा ने इसे भयावह बताया है।

हालांकि, संबित पात्रा के ट्वीट पर यूजर्स ने उन्हीं की खिंचाई शुरू कर दी। रामकृष्ण मिश्र नाम के एक व्यक्ति ने कहा, “भोपाल में तो सरकार तुम्हारी ही है। वैसे मुंगेर में हिंदुओं पर गोली चलवा कर तुम भाजपाइयों ने हिंदुओं का जो नरसंहार करवाया है उसका हम सब हिंदू एक होकर जवाब देंगे बिहार चुनाव में। नरेंद्र मोदी, हिंदू विरोधी!” भारत सिंह सेंगर नाम के यूजर ने कहा, “आपकी ही सरकार है वहां पे, इतने लोग इकट्ठा हो गया पुलिस कहां थी, अब तो विपक्ष मोड से वापस आओ।”

क्यों हो रहा मैक्रों के बयान पर विवाद?: गौरतलब है कि यूरोप में फ्रांस ऐसा देश है, जहां की आबादी में 10 फीसदी मुस्लिम हैं। इनमें ज्यादातर दूसरे देशों या फ्रांस के उपनिवेशों से आए लोग शामिल हैं। सीरिया और इराक में आईएस के उभरने के बाद फ्रांस इस आतंकी संगठन के निशाने पर रहा है। कई आतंकी हमलों के बाद राष्ट्रपति मैक्रों इस्लामी आतंकवाद और कट्टरपंथ से लड़ने की बात कह चुके हैं।

एक हालिया इंटरव्यू में मैक्रों ने फ्रांस की धर्मनिरपेक्षता को सर्वोपरि बताते हुए इस्लाम को संकट में पड़ा धर्म बताया था। कुछ ही दिन पहले फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद का आपत्तिजनक कार्टून दिखाने वाले एक टीचर की हत्या के बाद मैक्रों ने कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद फ्रांस में कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और कुछ एनजीओ भी बंद किए गए हैं। इसी के खिलाफ दुनियाभर में उनका विरोध जारी है।

जहां भारत के विदेश मंत्रालय ने फ्रांस के राष्ट्रपति पर हो रहे जुबानी हमलों की निंदा की है, वहीं कुछ नेताओं ने मैक्रों को समर्थन भी जताया है। इनमें दक्षिणपंथी लेखिका शेफाली वैद्य भी शामिल हैं। उन्होंने मुंबई के भिंडी बाजार का एक वीडियो शेयर किया। इसमें मैक्रों के पोस्टर जमीन पर फैले दिखाई दे रहे हैं, जिनके ऊपर से कारें गुजर रही हैं।

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