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मुंबई यूनिवर्सिटी में ABVP का सूपड़ा साफ, शिवसेना के छात्र संगठन ने सभी सीटों पर जमाया कब्जा

युवा सेना की जीत पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जश्न मनाने के दौरान आदित्य ने कहा कि यह सेना में विश्वास की जीत है। उन्होंने कहा कि यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि यह एबीवीपी के खिलाफ लड़कर मिली है।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे परिवार के साथ। (फाइल फोटो)

मुंबई विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को बुरी हार का सामना करना पड़ा है। यहां शिवसेना की छात्र इकाई युवा सेना एबीवीपी का सूपड़ा साफ करते हुए शानदार जीत हासिल की है। बता दें कि मुंबई विश्वविद्यालय के सीनेट के चुनाव बीते 25 मार्च को संपन्न हुए थे। गुरुवार शाम को घोषित हुए नतीजों में आदित्य ठाकरे के नेतृत्व वाली युवा सेना ने सभी 10 सीटें अपने नाम कर ली हैं। युवा सेना ने सभी 10 सीटें जीत कर नया इतिहास रचा है। माना जा रहा है कि मुंबई यूनिवर्सिटी का यह चुनाव परिणाम महाराष्ट्र में नया राजनैतिक समीकरण बनाएगा और शिवसेना-बीजेपी के संबंधों को भी प्रभावित करेगा। एबीवीपी और कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने युवा सेना के सामने कड़ी चुनौती पेश करने की कोशिश की, लेकिन इस बार उन्हें कामयाबी नहीं मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई विश्वविद्यालय में युवा सेना का दबदबा रहा है। युवा सेना ने 2010 में भी यह चुनाव जीता था।

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युवा सेना की जीत पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जश्न मनाने के दौरान आदित्य ने कहा कि यह सेना में विश्वास की जीत है। उन्होंने कहा कि यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि यह एबीवीपी के खिलाफ लड़कर मिली है। सेना के हेडक्वार्टर में बातचीत करते हुए ठाकरे ने कहा, जीत का श्रेय मुझे दिया जा रहा है, लेकिन यह उस पूरी टीम की जीत है जो पिछले आठ साल से वहां जीतोड़ मेहनत कर रही थी।

शिवसेना की युवा सेना ने आरक्षित के अलावा महिला, एससी, एसटी, घुमंतू जाति वाली सीट पर भी जीत हासिल की। हालांकि, इस चुनाव के बाद उम्मीदवारों ने चुनाव को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक ही संगठन के उम्मीदवारों को जिताने के लिए यह मतदान करवाया गया। उम्मीदवारों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव नहीं कराया।

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