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Mumbai: आवारा कुत्तों को खाना खिलाती है यह युवती, सोसायटी ने लगाया 3.60 लाख रुपए का जुर्माना

मुंबई के निसर्ग हैवेन सोसायटी ने एक युवती पर 3.60 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया है। युवती का कसूर सिर्फ इतना है कि वह आवारा कुत्तों को खाना खिलाती है।

Author Published on: April 16, 2019 2:58 AM
प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

मुंबई स्थित कांदीवाली की निसर्ग हैवेन सोसायटी ने एक युवती पर 3.60 लाख रुपए का जुर्माना महज इसलिए लगा दिया गया, क्योंकि वह आवारा कुत्तों को खाना खिलाती है। बताया जा रहा है कि युवती प्राइवेट नौकरी करती है और पशुप्रेमी भी है। सोसायटी के पदाधिकारियों का आरोप है कि युवती सोसायटी के नियमों का पालन नहीं कर रही है। वहीं, उसके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। हालांकि, युवती ने जुर्माना देने से साफ इनकार कर दिया है।

कुत्तों को खाना खिलाने की मिली थी शिकायत : निसर्ग हैवेन सोसायटी के पदाधिकारियों का आरोप है कि प्राइवेट नौकरी करने वाली नेहा दातवानी आवारा कुत्तों को सोसायटी के अंदर खाना खिलाती हैं। इससे सोसायटी के नियम टूट रहे हैं। इसके चलते नेहा पर 3.60 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया गया। इस मामले में सोसायटी के अध्यक्ष मीतेश बोरा ने बताया, ‘सोसायटी के लगभग 98 फीसदी सदस्यों ने सोसायटी परिसर में कुत्तों को खाना खिलाने पर जुर्माना लगाने का प्रस्ताव पारित किया था। सोसायटी का अध्यक्ष होने के नाते यह मेरा कर्तव्य है कि मैं इस नियम का पालन करने के लिए लोगों को समझाऊं।’ बोरा ने कहा कि वह भी नेहा की तरह पशु प्रेमी हैं और आवारा कुत्तों को खाना खिलाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन मानव हित और सोसायटी के नियमों के तहत उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ये कुत्ते लोगों को देखकर भौंकते हैं और काटने को दौड़ते हैं। सोसायटी में रहने वाले अन्य लोगों ने इसकी शिकायत की थी।

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शहर छोड़ने की तैयारी में हैं नेहा : पशु प्रेमी नेहा का कहना है कि ये कुत्ते आवारा नहीं हैं। वह बचपन से उन्हें खाना खिला रही हैं। सोसायटी द्वारा उन पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। नेहा बताती हैं कि सोसायटी ने उन पर हर महीने 75000 रुपए का जुर्माना लगाया है और 3.60 लाख रुपए का बिल बनाकर भेज दिया है। यह गलत है। नेहा के मुताबिक, उन्होंने पशु अधिकार कार्यकर्ता से सोसायटी के खिलाफ शिकायत की थी, जिसके बाद जुर्माना लगाना बंद हो गया था। हालांकि, कुछ दिन बाद ही दोबारा जुर्माना लगाया जाने लगा। नेहा का कहना है कि वह सिर्फ बकाया मेंटिनेंस बिल का ही भुगतान करेंगी और जुर्माना नहीं देंगी। वह सोसायटी से इतना ज्यादा परेशान हो चुकी हैं कि उन्होंने शहर छोड़ने का भी फैसला कर लिया है।

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