महाराष्ट्र की राजनीतिक पार्टी शिवसेना यूबीटी में खींचतान के बीच शिवसेना शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम संजय राउत पर भड़क गए हैं। उन्होंने मुंबई पुलिस से मांग की कि उनके खिलाफ सासंद को धमकी देने का मामला दर्ज करना चाहिए और उन्हें जेल में डालें।
संजय राउत ने बागी सांसदों पर करारा हमला बोलते हुए कहा था कि वे ऑपरेशन तुड़वा चला रहे हैं, जिसमें मतलब उन्होंने सांसदों की पिटाई बताया था। साथ ही उन्होंने बागियों के लिए अपशब्दों को प्रयोग भी किया था।
ऑपरेशन टाइगर से हमारा कोई लेना-देना नहीं- संजय निरुपम
शिवसेना शिंद गुट के नेता संजय निरुपम ने कहा कि ऑपरेशन टाइगर से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। ये मीडिया द्वारा रचा गया शब्द है। जहां तक उद्धव ठाकरे की पार्टी के छह सांसदों के विद्रोह का प्रश्न है वे पार्टी नेतृत्व ने नाराज और निराश होकर निकले हुए लोग हैं। उन्होंने लोकसभा स्पीकर को पत्र दिया है कि हमें शिवसेना यूबीटी के सांसदों से अलग बैठना है। अब उद्धव गुट से अलग होने की जो वैधानिक प्रक्रिया है, वो लोकसभा अध्यक्ष को तय करनी है। अब उनके फैसले के बाद ये आगे कैसे बढ़ेंगे, ये उनपर निर्भर करता है।
शिवसेना यूबीटी में भंयकर नाराजगी है- शिवसेना नेता
शिवसेना नेता ने कहा,”हम इतना कह सकता है कि शिवसेना यूबीटी में भंयकर नाराजगी है। कैडर पूरी तरह के नेतृत्व से नाराज है। पिछले चार वर्षों में उस पार्टी के पदाधिकारी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शामिल होते रहे हैं। अब इसी प्रक्रिया के तहत उनके सांसद निकले हैं। हो सकता है आगे जाकर विधायक और पार्षद भी निकले। हमारी इसमें कोई भूमिका नहीं है, वो खुद पार्टी फेल हो रही है।”
महाराष्ट्र में अशांति फैला रहे ये लोग- संजय
राज्यसभा सांसद संजय राउत के बयानों पर बोलते हुए कहा, “ये संजय राउत जैसे लोग जो अपने सांसदों को रोज गालियां दे रहे हैं, उनको बिकाऊ बोल रहे हैं, बेईमान बोल रहे हैं। उनको जान से मारने की धमकी दे रहे हैं ‘ऑपरेशन तुड़वा’ चल रहा है। ये कितना बड़ा पाप कर रहे हैं। ये महाराष्ट्र में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। महाराष्ट्र की शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। इनके खिलाफ मुंबई पुलिस को संज्ञान लेकर मामला दर्ज करना चाहिए और संजय राउत को जेल में डालना चाहिए क्योंकि इस तरह से वे देश के माननीय सांसदों को जान से मारने की धमकी नहीं दे सकते। इस तरह लोगों को उनके खिलाफ भड़का नहीं सकते, पाप है ये गुनाह है।”
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महाराष्ट्र की राजनीति एक बार भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के 9 में से 6 लोकसभा सांसद बागी बन चुके हैं और उनके एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की संभावना हैं। शिवसेना यूबीटी की फूट के बीच 20 साल पुराने हत्याकांड की भी चर्चा और उसके आगामी फैसले पर सबकी नजरें टिक गई हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
