मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने आरोप लगाया है कि शिवसेना (यूबीटी) की पार्षद और बीएमसी में विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर बिना अनुमति के उनके दफ्तर में घुस गईं। तावड़े ने आरोप लगाया है कि किशोरी पेडणेकर ने दफ्तर में महत्वपूर्ण दस्तावेजों की तस्वीर खींच ली और वीडियो रिकॉर्डिंग की।

दूसरी ओर, किशोरी पेडणेकर ने तावड़े के आरोपों को खारिज कर दिया है।

मेयर और बीजेपी नेता रितु तावड़े ने कहा कि वह बारिश से जुड़ी घटनाओं के बाद मैनहोल का निरीक्षण करने के लिए बाहर गई थीं और इस दौरान किशोरी पेडणेकर उनके दफ्तर में घुस गईं।

ऋतु तावड़े ने कहा, “मैं मैनहोल निरीक्षण के काम की निगरानी के लिए बाहर गई हुई थी। उसी दौरान किशोरी पेडणेकर मेरे कार्यालय में आईं। वह यह दावा कर सकती हैं कि वह मेरे केबिन में नहीं आईं लेकिन यहां (मेयर चेंबर) से लेकर हॉल के मुख्य प्रवेश द्वार तक का पूरा इलाका मेरे केबिन का ही हिस्सा है।”

तावड़े ने आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज में पेडणेकर के सहयोगी को किसी एक दस्तावेज पर फोकस करने के बजाय पूरे कार्यालय में कैमरा घुमाते हुए देखा गया। तावड़े ने कहा अगर कोई सिर्फ एक पत्र की जांच करना चाहता है तो उसने केबिन के चारों कोनों में कैमरा क्यों घुमाया?

मेयर बोलीं- एफआईआर दर्ज करवाऊंगी

तावड़े ने कहा कि यह रेकी करने या फिर कुछ अहम दस्तावेजों की तस्वीर लेने की कोशिश थी। महापौर ने कहा कि बीएमसी के इतिहास में कभी भी विपक्ष के किसी नेता ने इस तरह का व्यवहार नहीं किया है।

तावड़े ने कहा कि वह इस मामले में आज़ाद पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाएंगी और इस मामले की जांच की मांग करेंगी।

तावड़े के आरोपों को लेकर पेडणेकर ने बताया कि वह सिर्फ विपक्ष के नेताओं के द्वारा भेजे गए पत्रों पर कार्रवाई की जांच के लिए उस हॉल में गई थीं, जहां पर महापौर का दफ्तर है।

पेडणेकर ने क्या कहा?

पेडणेकर ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “पिछले तीन दिनों से मुंबई के कई इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। हमने (विपक्ष ने) मेयर को पत्र लिखकर दखल की मांग की लेकिन उनके कार्यालय से कोई फोन या जवाब नहीं आया। आज मैं जल प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से अपने भेजे गए पत्रों के बारे में बात करने के लिए हॉल में गयी थी लेकिन मैं मेयर के केबिन के पास तक नहीं गयी।”

पेडणेकर ने कहा कि यह एक कॉमन एरिया है, यहां कोई भी पार्षद आ सकता है और यह हॉल मेयर से मिलने आने वाले लोगों के लिए वेटिंग एरिया भी है।

किशोरी 2019 से 2022 के बीच मुंबई की महापौर रह चुकी हैं। पेडणेकर ने कहा कि वह कोई बाहर की नहीं है और मेयर रह चुकी हैं। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया जिस पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

पेडणेकर ने आरोप लगाया कि मेयर अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छुपाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही हैं।

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