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मुंबई के शरद अशानी ने बना डाला एंटी सुसाइड फैन रॉड, मॉडल नफीसा जोसेफ की आत्महत्या से थे दुखी

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के हिसाब से भारत में हर साल करीब 1.30 लाख लोग सुसाइड करते हैं। इनमें से लगभग 60 हजार लोग पंखे से लटकर आत्महत्या कर लेते हैं।

अपने एंटी सुसाइड रॉड/सेफ्टी रॉड से शरद अशानी लोगों की जान बचाने का काम करेंगे।

मुंबई का एक शख्स ऐसा है जो एंटी-सुसाइड सीलींग फैन रॉड से लोगों की जान बचाने में लगा हुआ है। 61 साल के इस शख्स का नाम शरद आशानी है। साल 2004 में मॉडल नफीसा जोसेफ ने पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी थी। सुसाइड की इस खबर ने शरद पर इतना गहरा असर डाला कि उन्होंने ‘एंटी-सुसाइड सीलींग फैन रॉड’ बनाने की ठान ली। क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंपनी में जनरल मैनेजर के तौर पर काम करते हुए शरद ने पंखों के रॉड को एंटी सुसाइड रॉड बनाने के लिए 12 सालों तक मेहनत की। इस साल के फरवरी से वो अपनी फैक्ट्री में ऐसे रॉड्स बनाने में सफल रहे हैं जो अवसाद से पीड़ित शख्स के पंखे पर लटकते ही पंखा नीचे आ जाता है।

दरअसल शरद जिस एंटी सुसाइड सेफ्टी रॉड का प्रोडक्शन कर रहे हैं उस रॉड में एक लचीली मशीन लगी हुई है। जैसे ही एक निश्चित भार से ज्यादा वजन इस रॉड पर पड़ता है तो रॉड स्ट्रेच हो जाता है। इस तरह जब भी कोई पंखे से लटकर आत्महत्या करने की कोशिश करता है वह बिना किसी नुकसान के जमीन पर आसानी से ठहर जाता है। आपको बता दें कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के हिसाब से भारत में हर साल करीब 1.30 लाख लोग सुसाइड करते हैं। इनमें से लगभग 60 हजार लोग पंखे से लटकर आत्महत्या कर लेते हैं। अशानी का मकसद इसी आंकड़े को किसी भी हाल में कम करना है।

शरद अशानी ने अब तक 100 रॉड्स बना चुके हैं। अशानी का लक्ष्य हर महीने 10 हजार रॉड के प्रोडक्शन का है।इन सेफ्टी रॉड्स की कीमत मात्र 250 रुपए है और ये रॉड पुराने पंखों में भी फिट करवाए जा सकते हैं। इन रॉड्स के निर्माण के साथ ही अशानी देश की और भी तमाम पंखा बनाने वाली कंपनियों से संपर्क कर रहे हैं ताकि आधिक से अधिक घरों तक इस सेफ्टी रॉड वाले पंखे पहुंच सके। शरद ने कॉलेज हॉस्टलों में रॉड डोनेट करने का मन भी बनाया है।

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