ताज़ा खबर
 

BSP से गठबंधन पर मुलायम के समधी की बगावत, बोले- ये नहीं चलेगा, विरोध में करेंगे ‘पोल-खोल सम्मेलन’

मुलायम सिंह के समधी और सिरसागंज के विधायक हरिओम यादव ने कहा कि यह गठबंधन ज्यादा दिन नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि इसे चलाने के लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष को घुटने टेकने पड़ेंगे।

Author January 14, 2019 3:31 PM
बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश में गठबंधन का ऐलान किया। (photo source – twitter.com/yadavakhilesh)

उत्तर प्रदेश की सियासत में और खासतौर से समाजवादी पार्टी में अब भी सबकुछ स्थिर नहीं है। लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सपा और बसपा में हुए गठबंधन के खिलाफ अब पार्टी के अंदर से ही आवाजें उठ रही हैं। अब मुलायम सिंह यादव के समधी और सिरसागंज के विधायक हरिओम यादव ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह गठबंधन ज्यादा दिन नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि इसे चलाने के लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष को घुटने टेकने पड़ेंगे।

‘नेताजी के साथ नहीं चला तो अब क्या चलेगा’: हरिओम यादव ने सिर्फ बयान ही नहीं दिया बल्कि शिकोहाबाद में 22 जनवरी को एक सम्मेलन भी बुलाया है जिसे ‘पोल खोलो’ नाम दिया गया है। इसमें यह बताया जाएगा कि पिछले पांच सालों में पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ क्या-क्या किया गया। उन्होंने कहा, ‘नेताजी (मुलायम सिंह) जैसे विशाल हृदय वाले व्यक्ति के साथ गठबंधन नहीं चला तो अब कैसे चलेगा।’

ऐसे चल रहे हैं सपा-बसपा के रिश्तेः उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से बुआ-भतीजे यानी मायावती और अखिलेश की सियासी दोस्ती खासी परवान चढ़ रही है। भाजपा को हराने के लिए दोनों ने पहले लोकसभा के उपचुनावों में हाथ मिलाया फिर आम चुनाव 2019 के लिए भी गठबंधन का ऐलान किया है। इतना ही मध्य प्रदेश में बसपा को गठबंधन में शामिल करने के कांग्रेस के इनकार के बाद सपा ने भी दूरी बना ली थी। लोकसभा चुनाव के लिए राज्य की 80 में से दोनों दलों ने 38-38 सीटों पर लड़ने का ऐलान किया है। बता दें कि पिछले चुनाव में राज्य में सपा सिर्फ मुलायम परिवार की सीटों तक सिमट गई थी तो बसपा का खाता भी नहीं खुल पाया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X