अखिलेश के कुनबे से जुड़ेंगे मुख्तार अंसारी, बड़े भाई ने बताया- सपा के टिकट पर लड़ेंगे चुनाव

यह भी कहा कि “उनको सरकार में बैठे लोगों से जान का खतरा है, ऊपर वाला उनको बचा रहा है।” हालांकि सरकार में किससे खतरा है, इसके बारे में उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।

बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी। (इंडियन एक्सप्रेस फाइल फोटो)

यूपी के चुनाव में अब कुछ ही महीने रह गए हैं। इस बीच सभी दलों में प्रत्याशियों को लेकर रणनीति बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इधर चर्चा है कि समाजवादी पार्टी के कुनबे से बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी भी जुड़ेंगे और पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। इसका खुलासा खुद उनके बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी ने किया। उन्होंने बताया कि मुख्तार अंसारी समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ेंगे।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि “उनको सरकार में बैठे लोगों से जान का खतरा है, ऊपर वाला उनको बचा रहा है।” हालांकि सरकार में किससे खतरा है, इसके बारे में उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। बस इतना कहा कि सरकार में बैठे लोगों से उन्हें खतरा है। सिबगतुल्लाह ने कहा कि “उन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन यह वक्त बताएगा कि कौन कब्जा कर रहा है और कौन नहीं।”

पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के सहयोगी सुभासपा के नेता ओम प्रकाश राजभर जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी से मिलने बांदा जेल पहुंचे थे। मुलाक़ात के बाद उन्होंने मीडिया से कहा था कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और सुभासपा गठबंधन की तरफ से मुख्तार अंसारी को समर्थन दिया जाएगा।

साथ ही उन्होंने इसको लेकर अखिलेश यादव से रायशुमारी किए जाने को लेकर कहा था कि जब अखिलेश यादव मायावती से गठबंधन कर सकते हैं तो फिर मुख्तार अंसारी को समर्थन देने में कोई समस्या नहीं होगी।

उत्तरप्रदेश के गाजीपुर में जन्मे मुख़्तार अंसारी को राजनीति विरासत में मिली थी। मुख्तार के पिता सुब्हानउल्लाह अंसारी वामपंथी थे और अपने बेदाग़ छवि के कारण उन्होंने नगर पालिका का चुनाव निर्विरोध जीत लिया था। लेकिन मुख़्तार की छवि अपने पिता से काफी अलग रही। साल 1988 में पहली बार मुक़दमा दर्ज होने के बाद मुख़्तार ने कभी अपराध की दुनिया का साथ नहीं छोड़ा।

हालांकि मुख्तार अंसारी को समर्थन दिए जाने के सवाल पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने विरोध जताया था। उन्होंने कहा था कि “गुंडे माफियाओं को टिकट नहीं देना चाहिए।” साथ ही उन्होंने सपा के साथ गठबंधन को लेकर कहा कि लगता है कि अखिलेश यादव को हमारी जरूरत नहीं है।

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