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‘कीचड़ स्नान’ के चलते हटाए गए उज्जैन के कलेक्टर और संभागायुक्त, सीएम कमल नाथ ने आधी रात की कार्रवाई

उज्जैन में नए कलेक्टर के रूप में शशांक मिश्रा को जबकि संभागायुक्त के पद पर उच्च शिक्षा आयुक्त रहे अजीत कुमार को भेजा गया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (फोटो सोर्स : PTI)

शनिश्चरी अमावस्या के मौके पर होने वाले क्षिप्रा स्नान को लेकर हुई किरकिरी के बाद कमल नाथ सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में अब तक दो अधिकारियों कलेक्टर और कमिश्नर पर गाज गिरी है। आधी रात को जारी किए गए आदेश के तहत उज्जैन कलेक्टर मनीष सिंह को पद से हटाकर अब मंत्रालय अटैच कर दिया है, वहीं संभागायुक्त एमबी ओझा को भी पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही जल संसाधन और एनवीडीए के अफसरों पर भी तबादले की गाज गिरी है।

शशांक मिश्रा बने नए कलेक्टरः उज्जैन में नए कलेक्टर के रूप में शशांक मिश्रा को जबकि संभागायुक्त के पद पर उच्च शिक्षा आयुक्त रहे अजीत कुमार को भेजा गया है। शनिवार को उज्जैन के त्रिवेणी घाट की घटना सामने आने के बाद से ही सियासी माहौल गर्मा गया था। इस घटना को लेकर सरकारी तंत्र की जमकर किरकिरी हो रही थी। स्थानीय सांसद ने भी मामले में प्रदेश कांग्रेस सरकार से ध्यान देने की मांग की थी।

…यूं हुई अव्यवस्थाः गौरतलब है कि शनिश्चरी अमावस्या के मौके पर उज्जैन स्थित त्रिवेणी घाट पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी थी। सरकार पहले तो क्षिप्रा तक पानी लाने में विफल रही। इसके बाद नदी में पानी नहीं होने के चलते प्रशासन ने फव्वारे लगाए थे लेकिन उनमें भी ज्यादातर बंद निकले। फव्वारे चलाने के लिए स्टापडेम से पाइपलाइन डाली गई थी लेकिन लाइन से जुड़ी मोटर बंद हो गई। ऐसे में निराश लोगों ने बचे-खुचे कीचड़ से सने पानी को छिड़क कर पारंपरिक स्नान की औपचारिकता पूरी की।

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