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मप्र: हाईट कम होने को लेकर पुलिस भर्ती से बाहर की गईं लड़कियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

मध्य प्रदेश में ऊंचाई कम होने के कारण पुलिस में भर्ती से बाहर की गईं लगभग एक हजार लड़कियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

Author भोपाल | June 8, 2018 5:47 PM
मध्यप्रदेश का लोगो

मध्य प्रदेश में ऊंचाई कम होने के कारण पुलिस में भर्ती से बाहर की गईं लगभग एक हजार लड़कियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। इन लड़कियों का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस में महिला उम्मीदवारों की भर्ती के लिए ऊंचाई में छूट देने की घोषणा की थी, लेकिन उन्हें सिर्फ ऊंचाई कम होने के कारण भर्ती से बाहर कर दिया गया है। जबकि वे बाकी सभी परीक्षाएं पास कर चुकी हैं। इन महिला उम्मीदवारों का नेतृत्व कर रहीं प्रीति शर्मा ने आईएएनएस को बताया, “हमें अंतिम समय में सिर्फ इसलिए अयोग्य ठहरा दिया गया, क्योंकि हमारी उंचाई 158 सेंटीमीटर के स्थान पर 155 सेंटीमीटर थी। महिलाओं के लिए न्यूनतम उंचाई 158 सेंटीमीटर है। मुख्यमंत्री ने इसे कम करने की घोषणा की थी। इससे लड़कियों में बड़ा उत्साह था। हम भी चाहते हैं कि खाकी वर्दी पहनकर हाथ में डंडा थामकर गुंडों और मनचलों को सबक सिखाएं।”

प्रीति ने आगे कहा, “हमने तमाम परीक्षाएं पास की, लेकिन सिर्फ ऊंचाई के नाम पर हमें अयोग्य ठहरा दिया गया। यह लड़कियों के मामा शिवराज के ऐलान का सीधे तौर पर उल्लंघन है। प्रदेश में परीक्षा के सभी चरणों में सफल रहीं 1,000 से अधिक ऐसी लड़कियां हैं, जिनकी ऊंचाई 155 से 158 सेंटीमीटर के बीच है, सभी का भविष्य दांव पर है। इस बारे में सरकार के एक सूत्र ने हालांकि कहा कि मुख्यमंत्री ने ऊंचाई में छूट की घोषणा अक्टूबर 2017 में आगामी भर्ती के लिए की थी। लेकिन वर्तमान में जो भर्ती प्रक्रिया चल रही है, वह अक्टूबर 2017 से पहले शुरू हो चुकी थी। लिहाजा सरकार ने इन उम्मीदवारों के संदर्भ में अभी कोई फैसला नहीं किया है।

लेकिन भर्ती से वंचित महिला उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री की घोषणा पर सरकार की तरफ से अमल की मांग की है, और मांग न माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रीति ने कहा है, “सभी उम्मीदवारों ने आंदोलन की रूपरेखा बना ली है और यदि नौ जून की शाम तक सरकार की ओर से कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया तो 10 जून से आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।”

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री चौहान ने अक्टूबर 2017 में घोषणा की थी कि राज्य में गुंडों, मनचलों को ठीक करने के लिए बालिकाओं को 33 फीसदी आरक्षण देकर उन्हें खाकी वर्दी के साथ, उनके हाथ में डंडा थमाएंगे। और इसके लिए उन्होंने पुलिस भर्ती में बालिकाओं के लिए न्यूनतम उंचाई 158 सेंटीमीटर में छूट देने की घोषणा की थी। ऊंचाई में कितनी छूट दी जाएगी, इसे उन्होंने स्पष्ट नहीं किया था। अब 1,000 से अधिक लड़कियां पुलिस आरक्षक (कांस्टेबल) की लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और अन्य परीक्षाएं पास कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें कम ऊंचाई के कारण भर्ती से बाहर कर दिया गया है।

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