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CBI की क्लोजर रिपोर्ट: संदिग्ध मौतों का व्यापमं से कोई संबंध नहीं, एकतरफा प्यार-तनाव में 10 ने किया था सुसाइड

जुलाई 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी थी।
व्यापमं घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग। (File Photo)

मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यापमं की वजह से कोई संदिग्ध मौत नहीं हुई है। बता दें, व्यापमं की जांच कर रही एसटीएफ ने 24 संदिग्ध मौतों की लिस्ट सीबीआई को सौंपी थी, जिनका संबंध व्यापमं से बताया जा रहा था। लेकिन सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा है कि इन मौतों की वजह व्यापमं नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के बाद सीबीआई इस रिपोर्ट को सीबीआई कोर्ट में दाखिल करेगी और हर एक मौत को लेकर अपना पक्ष रखेगी कि इनका संबंध व्यापमं से कैसे नहीं है।

हिंदी न्यूज चैनल एबीपी की रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में जो क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है, उसमें कहा है कि 24 में से 23 संदिग्ध मौत व्यापमं की वजह से नहीं हुई। इसके साथ ही कहा है कि जिन्होंने आत्महत्या की है, उसकी वजह भी व्यापमं नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 24 में से 10 लोगों ने एकतरफा प्यार, परिवार में तनाव और पैसे की वजह से सुसाइड किया है। वहीं यह भी कहा गया है कि 24 में से 16 लोगों की मौत आरोप लगने से पहले ही हो गई।

एबीपी की रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि नौ मौतों के मामले में तो एसटीएप ने बिना पोस्टमार्टम के ही अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। इससे जिस एसआईटी की निगरानी में एसटीएफ जांच कर रही थी, वह संदेह के घेर में आ रही है। हालांकि, सवाल सीबीआई पर भी उठेंगे कि बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के वह कैसे कह सकती है कि इन मौतों का संबंध व्यापम से नहीं है।

बता दें, साल 2009 से व्यापमं में घोटाले होने की शिकायत हुई थी और इसी साल इसकी एक जांच कमेटी बनाई गई थी। साल 2011 में सबूतों के साथ इस घोटाले को विधानसभा में रखा गया। वहीं 2013 में व्यापमं में पहली पुलिस एफआईआर दर्ज हुई। साल 2013 में स्पेशल टास्क फोर्स को इसकी जांच सौंपी गई। एसटीएफ की जांच पर सवाल उठने लगे तो तीन सदस्यों की एक एसआईटी बनाई गई। जुलाई 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी।

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