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तमिलनाड़ू की अम्मा कैंटीन की तर्ज पर है MP के सीएम शिवराज सिंह चौहान की ‘दीनदयाल रसोई योजना’

तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से शुरू की गई ‘अम्मा कैंटीन’ की तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को ‘दीनदयाल रसोई योजना’ की शुरुआत की।
Author भोपाल | April 8, 2017 01:47 am
‘अम्मा कैंटीन’ की तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को ‘दीनदयाल रसोई योजना’ की शुरुआत की।

तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से शुरू की गई ‘अम्मा कैंटीन’ की तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को ‘दीनदयाल रसोई योजना’ की शुरुआत की। इसके तहत गरीबों को पांच रुपए में भोजन मिलेगा। योजना भाजपा विचारक दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर शुरू की गई है। राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार शाम ग्वालियर में इस योजना का शुभारंभ किया। मध्य प्रदेश की नगरीय विकास मंत्री माया सिंह ने कहा कि सात अप्रैल से यह योजना प्रदेश के 51 जिलों में से 49 जिलों के मुख्यालयों पर शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि भिंड और उमरिया जिले में विधानसभा उपचुनाव के कारण इस योजना की शुरुआत बाद में की जाएगी।  भिंड जिले की अटेर और उमरिया जिले की बांधवगढ़ में नौ अप्रैल को उपचुनाव होना है।

माया ने बताया कि हर जिले के मुख्यालय पर न्यूनतम एक स्थान पर दीनदयाल रसोई प्रारंभ की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बड़े शहरों में एक से अधिक केंद्र स्थापित किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि दीनदयाल रसोई योजना से न सिर्फ कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध होगा, बल्कि हर वर्ग के व्यक्ति को अपना सामाजिक दायित्व निभाने का सुअवसर भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय और मजदूरी करने वाले गरीबों को आवास व्यवस्था के साथ-साथ भोजन की समुचित व्यवस्था के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है। पांच रुपए की थाली में कोई भी व्यक्ति भरपेट भोजन कर सकेगा। थाली में चार रोटी, एक सब्जी और दाल शामिल होगी। इस रसोई में रोजाना पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक करीब दो हजार लोगों के खाने की व्यवस्था होगी।

माया ने बताया कि योजना की व्यवस्था की निगरानी जिला स्तरीय समन्वय व अनुश्रवण समिति करेगी। समिति में शासकीय अधिकारियों के अतिरिक्त अनाज व्यापारी संघ और सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष को भी सदस्य बनाया गया है। रसोई केंद्रों के लिए गेहूं और चावल एक रुपए प्रति किलो की दर से उचित मूल्य की दुकान के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाएगा। पानी और बिजली की व्यवस्था नगर निगम मुफ्त में करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रों की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना योजना से राशि उपलब्ध होगी। प्रत्येक केंद्र के लिए स्थानीय मुख्यालय के राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोला जाएगा।

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