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बीस फीसद से ज्यादा रही मध्य प्रदेश की कृषि विकास दर

मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव ने प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की कृषि विकास दर पिछले चार साल से औसतन 20 फीसद से ज्यादा रही है

Author भोपाल | January 26, 2016 11:40 PM
गणतंत्र दिवस समारोह में सलामी लेते मध्यप्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव ने प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की कृषि विकास दर पिछले चार साल से औसतन 20 फीसद से ज्यादा रही है, जो संभवत: विश्व में सर्वाधिक है। इस प्रगति के लिए भारत सरकार से प्रदेश को लगातार पिछले चार सालों से कृषि कर्मण पुरस्कार मिल रहा है। राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में 67वें गणतंत्र दिवस समारोह में तिरंगा फहराने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए यादव ने कहा, ‘मध्य प्रदेश की कृषि विकास दर पिछले चार साल से औसतन 20 फीसद से अधिक रही है, जो संभवत: विश्व में सर्वाधिक है।’ राज्यपाल ने अनेक चुनौतियों के बावजूद कृषि क्षेत्र में सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, ‘लगातार चार साल से कृषि के क्षेत्र में उत्पादन के लिए प्रदेश को भारत सरकार से कृषि कर्मण पुरस्कार हासिल हो रहा है।’ उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। गेहूं उत्पादन में प्रदेश पंजाब और हरियाणा से आगे निकल गया है।

मध्य प्रदेश जैविक खेती में पूरे देश में प्रथम है। इस मौके पर उन्होंने बताया कि प्रदेश में कम बारिश से हुए फसलों के नुकसान पर किसानों को 4,600 करोड़ रुपए की राहत राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सिंचाई सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके कारण एक दशक में सिंचाई क्षमता साढ़े सात लाख हेक्टेयर से बढ़कर आज 36 लाख हेक्टेयर हो गई है और 2018 तक इसे बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है।

राज्यपाल यादव ने मध्य प्रदेश को देश में सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में से एक बताते हुए कहा कि प्रदेश की विकास दर लगातार दो अंकों में बनी हुई है। मध्य प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद जो लगभग 10 साल पहले मात्र एक लाख करोड़ रुपए था, वह आज 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। इसके साथ ही प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय 15,000 रुपए से बढ़कर 60,000 रुपए प्रतिवर्ष हो गई है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में एक मॉडल स्टेट बनकर उभर है। प्रदेश में बिजली की उपलब्धता 4,500 मेगावाट से बढ़कर 16,000 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में घरेलू उपयोग के लिए 24 घंटे और खेती के लिए 10 घंटे बिजली उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पवन और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अधिकतम निजी पूंजी निवेश की आकर्षक नीति बनाई गई है। एशिया का सबसे बड़ा 130 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र नीमच में लगाया गया है। इसके अलावा विश्व का सबसे बड़ा 750 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र रीवा में लगाया जा रहा है।

प्रदेश के बुनियादी और सामाजिक क्षेत्र में विकास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब तक लगभग 50 लाख घरों में शौचालय की सुविधा मुहैया कराई जा चुकी है। इस साल 1500 गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया गया है।

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