मध्य प्रदेश बीजेपी के पदाधिकारियों के साथ पार्टी के नए राज्य प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने गुरुवार को बैठक की। इस दौरान उन्होंने नेताओं से कहा कि वे JCB मशीनों से फूल बरसाने जैसे बड़े-बड़े स्वागत के कल्चर को खत्म करें और इसके बजाय जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ ज़्यादा समय बिताएं। लगभग दो घंटे चली बैठक में बिप्लब कुमार देब ने राज्य पदाधिकारियों, डिविजनल इंचार्जों और पार्टी के अलग-अलग मोर्चों के अध्यक्षों और प्रभारियों से कहा कि जब नेता जिलों का दौरा करें तो उन्हें बड़ी मालाओं, बड़े-बड़े स्वागत प्रोग्राम या महंगे तोहफ़ों की कोई जरूरत नहीं है। ऐसी जानकारी पार्टी पदाधिकारियों ने द इंडियन एक्सप्रेस को दी है।
बैठक में शामिल पार्टी नेताओं ने कहा कि वह चाहते हैं कि बीजेपी सिर्फ अलग-अलग नेताओं पर फोकस करने वाले दिखावे से हटकर एक ऐसे संगठन की ओर बढ़े जो जमीनी स्तर पर ज़्यादा दिखे। बैठक में शामिल कई पदाधिकारियों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बिप्लब देब ने उनसे लोकल कार्यकर्ताओं के साथ ज्यादा समय बिताने और बूथ और मंडल लेवल पर कार्यकर्ताओं के लिए खुद को आसान बनाने के लिए कहा। बिप्लब कुमार देब कहा कि उनका मैसेज था कि नेताओं को विनम्र रहना चाहिए और उन वर्कर्स से जुड़े रहना चाहिए जो पार्टी का संगठनात्मक बेस बनाते हैं।
बिप्लब कुमार देब ने क्या कहा?
बिप्लब कुमार देब ने पार्टी के पदाधिकारियों से यह भी कहा कि बीजेपी बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स के जरिए खुद को जिस तरह से दिखाती है, उसे बदलें। एक पार्टी नेता के मुताबिक उन्होंने कहा कि अलग-अलग नेताओं की बड़ी तस्वीरों के बजाय, पब्लिसिटी मटीरियल में केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की स्कीम्स और डेवलपमेंट इनिशिएटिव्स को हाईलाइट किया जाना चाहिए और लोगों को उनके फायदे बताए जाने चाहिए।
बिप्लब देब ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि संगठन में कोई पद अस्थायी होता है, जबकि नेताओं के बीच बना भरोसा लंबे समय तक रहता है। उन्होंने कहा, “पद स्थायी नहीं होता, लेकिन नेताओं के बीच किया गया काम और उनके बीच बना भरोसा लंबे समय तक याद रखा जाता है।” उन्होंने पदाधिकारियों से इस तरह काम करने को कहा कि उनका टर्म खत्म होने के बाद भी वर्कर्स उन्हें सम्मान के साथ याद रखें।
बिप्लब देब ने पदाधिकारियों से यह भी पक्का करने को कहा कि संगठनात्मक फैसलों की वजह से कार्यकर्ता संगठन से नाखुश न हों। उन्होंने कहा कि मंडल, जिला, डिविजनल, शक्ति केंद्र, बूथ और पन्ना-प्रमुख लेवल पर जो लोग ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें अपनी-अपनी ज़िम्मेदारी अच्छे से निभानी चाहिए और अपने इलाकों के कार्यकर्ताओं से रेगुलर बातचीत करनी चाहिए।
मैं संगठन का आदमी हूं- बिप्लब देब
बिप्लब देब ने कहा कि वह प्रभारी के तौर पर अपने समय के दौरान जिलों, गांवों और बूथों का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। उन्होंने कहा, “मैं संगठन का आदमी हूं। मुझे संगठन के लोगों के साथ बैठना, उनसे बात करना और उनसे सीखना पसंद है। मैं यहां सीखने भी आया हूं। बूथ-लेवल के कार्यकर्ताओं के पास भी सिखाने के लिए बहुत कुछ है।”
बीजेपी 2023 के चुनावों में हारी हुई 66 विधानसभा सीटों का चुनाव क्षेत्र-स्तर पर संगठनात्मक रिव्यू भी तैयार कर रही है। साथ ही उन सीटों की भी पहचान कर रही है जहां उसने 5,000 वोटों या उससे कम के अंतर से जीत हासिल की थी। पार्टी नेताओं ने कहा कि स्वागत और प्रचार पर देब के निर्देश, संगठन को आम कार्यकर्ताओं के लिए ज्यादा आसान बनाने पर उनके बड़े ज़ोर से जुड़े थे।
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में चार जिलों से आए नाम हटाने के लिए 85% से ज्यादा आवेदन
उत्तराखंड की वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए 85% से ज्यादा फॉर्म-7 आवेदन सिर्फ चार जिलों (उधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल) से आए हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
