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MP: 52 साल बाद होगा विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव, कमल नाथ ने भाजपा पर लगाया परंपरा तोड़ने का आरोप

कांग्रेस ने इस चुनाव के लिए चौथी बार विधायक बने नर्मदा प्रसाद प्रजापति को उम्मीदवार बनाया है। वहीं भाजपा की तरफ से सात बार के विधायक विजय शाह को मैदान में उतारा है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ (FB फोटोः @TheKamalNath)

मध्य प्रदेश की विधानसभा में 52 साल बाद विधानसभा अध्यक्ष के लिए चुनाव होगा। दरअसल इस बार विपक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी ने भी इस पद के लिए अपना प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। भाजपा के इस कदम पर मुख्यमंत्री कमल नाथ ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नई परंपरा डाली है। मध्य प्रदेश में हार के बावजूद बेहद मजबूत स्थिति में दिख रही भाजपा हर मोर्चे पर कांग्रेस को कड़ी टक्कर देती दिख रही है। मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होना है। भाजपा ने सोमवार को ही गोपाल भार्गव को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया है।

…इसलिए रोचक हुआ मुकाबलाः कांग्रेस ने इस चुनाव के लिए चौथी बार विधायक बने नर्मदा प्रसाद प्रजापति को उम्मीदवार बनाया है। वहीं भाजपा की तरफ से सात बार के विधायक विजय शाह को मैदान में उतारा है। सदन में कांग्रेस के 114 विधायक हैं। इसके साथ ही उसे सरकार बनाने में चार निर्दलीयों, बसपा के दो और समाजवादी पार्टी के एक विधायक ने समर्थन दिया था। हालांकि पिछले कुछ दिनों कांग्रेस ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का भी आरोप लगाया है। ऐसे में मुकाबला फिर से रोचक हो गया है।

1967 के बाद नहीं हुआ यह चुनावः मध्य प्रदेश में विधानसभा अध्यक्ष के पद के लिए पहली बार 27 मार्च 1962 को चुनाव हुआ था जिसमें कुंजीलाल दुबे को जीत मिली थी। वहीं आखिरी बार 24 मार्च 1967 को मतदान हुआ था। इसमें काशी प्रसाद पांडे को जीत मिली थी। इसके बाद विधानसभा में अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं हुआ। इसी को लेकर मुख्यमंत्री कमल नाथ ने अब भाजपा पर हमला बोला है।

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