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यातायात सुगम बनाने के लिए पुलों का बिछेगा जाल

महानगर को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने कोलकाता में एक दर्जन से ज्यादा फ्लाईओवर तैयार करने की योजना बनाई है। सरकार चाहती है कि इनमें से ज्यादातर फ्लाईओवरों का काम इसी साल पूरा हो जाए।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। (इंडियन एक्सप्रेस फाइल फोटो)

दूसरे राज्यों से रोजगार की तलाश में आकर बसने वालों की और यहां वाहनों की लगातार बढ़ती तादाद से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का दम घुटने लगा है। रोजाना सड़कों पर उतरने वाले नए वाहनों ने ट्रैफिक व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कुछ साल पहले तक तस्वीर ऐसी नहीं थी। लेकिन अब ट्रैफिक जाम रोजमर्रा की गंभीर समस्या बनती जा रही है। महानगर को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने कोलकाता में एक दर्जन से ज्यादा फ्लाईओवर तैयार करने की योजना बनाई है। सरकार चाहती है कि इनमें से ज्यादातर फ्लाईओवरों का काम इसी साल पूरा हो जाए।

कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण (केएमडीए) अधिकारियों का कहना है कि इन फ्लाईओवरों से ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी ही, सफर का समय भी काफी कम हो जाएगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसी सप्ताह मां फ्लाईओवर को एजेसी बोस रोड फ्लाईओवर से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित परियोजना का उद्घाटन किया है। इससे रेसकोर्स इलाके से ईस्टन बाइपास तक महज बीस मिनट में पहुंचा जा सकता है। पहले इसमें एक घंटे का समय लग जाता था। अब तमाम वाहन नौ किलोमीटर लंबी यह दूरी बिना किसी सिग्नल या बाधा के पार कर सकते हैं। फ्लाईओवर को इसी सप्ताह सोमवार से आम लोगों के लिए खोल दिया गया।

केएमडीए के अधिकारी बताते हैं कि महानगर के दक्षिण इलाके में जिंजिराबाजार और तारातला से बाटानगर के बीच 6.8 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का काम भी तेजी से चल रहा है। इसके तैयार हो जाने पर बजबज और तारातला के बीच यात्रा का समय कम से कम 40 मिनट घट जाएगा। यह परियोजना इसी साल पूरी होनी है। फिलहाल ट्रैफिक ज्यादा होने के कारण यह दूरी तय करने में डेढ़ से दो घंटे लग जाते हैं। केएमडीए सूत्रों का कहना है कि महानगर के इस दूसरे सबसे लंबे फ्लाईओवर का उद्घाटन मार्च तक हो सकता है। इसके अलावा उल्टाडांगा से गिरीश पार्क के बीच तीन किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर और ढाकुरिया से जादवपुर के बीच एक प्लाईओवर की योजना बन रही है। ईस्टर्न बाइपास पर रूबी क्रासिंग पर भी एक फ्लाईओवर बनाने पर विचार चल रहा है। इन दो परियजोनाओं के लिए बीते साल ही निविदाएं जारी की गई हैं।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि ईस्ट-वेस्ट मेट्रो समेत विभिन्न मेट्रो परियोजनाओं के निर्माण की वजह से महानगर के धर्मतल्ला समेत विभिन्न इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी गंभीर हो गई है। खासकर दफ्तर आने-जाने के समय में तो लोगों को लंबे समय तक फंसा रहना पड़ता है। दमदम से गड़िया इलाके को जोड़ने वाली एकमात्र मेट्रो लाइन से लोगों को कुछ राहत तो है, लेकिन यह भी भीड़ के मुकाबले नाकाफी है। नतीजतन लाखों लोगों को रोजाना बसों और अपने वाहनों से सफर करना पड़ता है। बीते दिनों हुए कई हादसों के बाद नींद से जागी सरकार ने अब तमाम पुराने फ्लाईओवरों की जांच और मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया है। बीते साल अलीपुर इलाके में ध्वस्त फ्लाईओवर की जगह नए पुल के निर्माण का काम चल रहा है। इसके अगले साल की शुरुआत तक पूरी हो जाने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री कहती हैं कि सरकार दो साल में महानगर में ट्रैफिक जाम की समस्या से काफी हद तक मुक्ति दिलाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए 12 नई परियोजनाओं पर विचार चल रहा है।

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