ताज़ा खबर
 

बंदर की मौत के बाद हिंदू-मुसलमानों ने मिलकर किया अंतिम संस्कार, मौलवी भी हुए शामिल

एक तरफ जहां बंदर की अंतिम यात्रा में राम धुन का उच्चारण हो रहा था, वहीं दूसरी तरफ इस अंतिम यात्रा में कई मौलवी भी शामिल थे।

बंदर की अंतिम यात्रा में दिखी हिंदू मुस्लिम एकता। (file pic)

गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में एक बंदर की मौत पर सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली। दरअसल अहमदाबाद के अति-संवेदनशील इलाकों में गिने जाने वाले शाहपुर इलाके में एक दरगाह है। इसी दरगाह पर एक बंदर काफी लंबे समय से रह रहा था। बताया जा रहा है कि दरगाह पर आने वाले लोगों को भी इस बंदर से काफी लगाव था। लेकिन शनिवार को दरगाह परिसर में एक पेड़ गिरने से उसके नीचे दबकर बंदर की मौत हो गई। बंदर की मौत के बाद स्थानीय हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर इस बंदर की अंतिम यात्रा पूरे रीति-रिवाज के अनुसार निकाली।

एक तरफ जहां बंदर की अंतिम यात्रा में राम धुन का उच्चारण हो रहा था, वहीं दूसरी तरफ इस अंतिम यात्रा में कई मौलवी भी शामिल थे। अंतिम यात्रा के दौरान बंदर को नहलाया गया और एक कपड़े में लपेटकर उसके माथे पर सिंदूर लगाया गया। इसके बाद बंदर की अंतिम यात्रा नजदीक के एक प्लॉट तक ले जायी गई, जहां बंदर के शव को दफन कर दिया गया। बता दें कि हिंदू धर्म में बंदर को भगवान हनुमान का स्वरुप माना जाता है। साथ ही जिस दिन बंदर की मौत हुई, उस दिन शनिवार था, जिसे हनुमान जी का दिन माना जाता है। ये भी एक वजह रही कि लोगों ने बंदर का पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया।

नवभारत टाइम्स की एक खबर के अनुसार, बंदर के अंतिम संस्कार में शामिल हुए मौलवी बशीर अली मोहम्मद मंसूरी ने बताया कि मैं बंदर को लेकर स्थानीय लोगों के स्नेह से वाकिफ था और इस वजह से जब मैंने शनिवार को दरगाह परिसर में बंदर को बेहोश देखा तो मैंने उन्हें इसकी जानकारी दी। स्थानीय लोगों ने खुद ही पैसे इकट्ठे कर बंदर का अंतिम संस्कार किया। हम भी इस नेक काम में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी लोगों द्वारा बंदर का अंतिम संस्कार पूरे रीति रिवाज से करने की खबरें आयी हैं, लेकिन ताजा मामले में हिंदुओं के साथ-साथ मुस्लिमों के भी अंतिम यात्रा में शामिल होने से यह बेहद खास हो गई।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App