कोटद्वार के जिम मालिक दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद’ दीपक को शुक्रवार शाम जमानत पर रिहा कर दिया गया। दीपक पर एक कारोबारी से गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगा था।
पुलिस अधिकारियों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि दीपक को शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और उसे एक बॉन्ड भरने के लिए कहा गया जिसमें उसे शांति भंग न करने और सद्भाव बनाए रखने का आश्वासन देना था। उसे शुक्रवार शाम को रिहा कर दिया गया।
यह घटनाक्रम उस घटना के एक दिन बाद सामने आया है जब व्यवसायी संजीव टोंक ने सोशल मीडिया पोस्ट पर हुई बातचीत के बाद दीपक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। पुलिस ने शांति भंग करने की आशंका जताते हुए एहतियाती कदम के तौर पर दीपक को गिरफ्तार कर लिया था।
जब इंडियन एक्सप्रेस ने मोहम्मद दीपक से संपर्क किया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
दीपक के करीबी लोगों का कहना है कि टोंक और दीपक एक-दूसरे को कई साल से जानते थे। एक सूत्र के मुताबिक, जनवरी में हुई घटना के बाद दोनों के रिश्तों में दरार आ गई थी। उस समय कोटद्वार में बजरंग दल के कुछ सदस्यों से दीपक का विवाद हुआ था। इस दौरान उसने एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार का बचाव किया था,जिसके बाद वह चर्चा में आया था।
सूत्र के अनुसार, गुरुवार सुबह दीपक अपनी मां की चाय की दुकान की ओर जा रहा था। यह दुकान उसी सड़क पर है, जहां टोंक की कपड़ों की दुकान है। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ। हालांकि, टोंक ने अतीत में दीपक के साथ किसी भी तरह की बातचीत होने से इनकार किया है।
शुक्रवार को इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए टोंक ने बताया कि वह कोटद्वार इलाके में कई सालों से अपनी दुकान चला रहे हैं। टोंक ने कहा कि दीपक मेरे ही इलाके में रहता था, लेकिन इतने सालों में हमारी कभी कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि यह पहली बार है जब मैंने दीपक से बातचीत की है, और वह भी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से।
टोंक ने आरोप लगाया कि गुरुवार की सुबह, पोस्ट पर हुई बातचीत के बाद मैं अपने दोस्तों के साथ कोटद्वार स्थित अपनी कपड़ों की दुकान पर था। दीपक आया और मुझ पर चिल्लाया और मेरे साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि मुझे असुरक्षित महसूस हुआ और इसलिए मैं गुरुवार दोपहर को पुलिस के पास गया और शिकायत दर्ज कराई।
यह विवाद मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक मस्जिद के आंशिक विध्वंस से संबंधित एक ऑनलाइन पोस्ट या टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर हुई बातचीत से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। पुलिस ने शुरू में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया।
जांच के दौरान, पुलिस ने कहा कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, तस्वीरें और वीडियो की जांच की और उसके बाद बीएनएस की धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) को जोड़ा। शांति और कानून व्यवस्था में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए पुलिस ने एहतियाती कदम के तौर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत दीपक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गुरुवार शाम को कोटद्वार में फ्लैग मार्च भी निकाला।
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