मोहाली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान आम आदमी पार्टी और बीजेपी के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। मोहाली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के पार्षद रविंदर सिंह बिंद्रा और कई अन्य लोगों के खिलाफ शुक्रवार को एफआईआर दर्ज की है।
रविंदर सिंह बिंद्रा की बीजेपी के नेता हरदीप सिंह के साथ कहासुनी हो गई थी और इसके बाद यह झगड़ा बढ़ गया था।
मोहाली के कुम्ब्रा गांव में हुई इस झड़प में बीजेपी के नेता हरदीप सिंह समेत तीन लोग घायल हो गए थे। मामले की जांच कर रहे एएसआई भूपिंदर सिंह ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट और घायलों के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।
हरदीप सिंह ने दी थी पुलिस में शिकायत
इस मामले में हरदीप सिंह शिकायत दी थी। हरदीप सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 30 जून को कुम्ब्रा गांव में हुई घटना के दौरान रविंद्र सिंह बिंद्रा, जगतार सिंह, गुरताज सिंह, मलकीत सिंह, रोहित वर्मा, खुशप्रीत सिंह उर्फ सोनू, मंगल, पम्मा और कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उन पर हमला किया था।
हरदीप सिंह ने पुलिस को दिए बयान में कहा, “आरोपियों ने घसीटा, घूंसे, लात और धारदार हथियारों से हमला कर दिया, गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। मेरी नाक पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जबकि एक अन्य शख्स की पीठ पर चाकू से वार किया गया।”
हरदीप सिंह बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष हैं और एसआईआर के लिए उन्हें बूथ लेवल एजेंट के रूप में नियुक्त किया गया था।
आरोपियों ने जानबूझकर किया हमला
हरदीप सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने जानबूझकर उन पर हमला कर दिया। इस मामले में तीन घायल व्यक्तियों हरदीप सिंह, कर्मवीर सिंह और दीपेश कुमार की अस्पताल में जांच की गई। हरदीप सिंह को गंभीर चोट आई हैं जबकि बाकी दो अन्य लोगों को हल्की-फुलकी चोट है। एएसआई भूपिंदर सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
हरदीप सिंह और उनके साथी को मोहाली के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घायलों का हाल जानने के लिए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों मोहाली के अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो बीजेपी प्रदर्शन करेगी।
दूसरी ओर, बिंद्रा ने अपना पक्ष रखते हुए उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।
यह भी पढ़ें- पंजाब कांग्रेस में फिर बढ़ेगी कलह?
पंजाब कांग्रेस में नेताओं के बीच चल रहा विवाद फिलहाल शांत होता दिख रहा है। पार्टी हाईकमान ने अलग-अलग गुटों के नेताओं को जिम्मेदारियां देकर सभी को साथ रखने की कोशिश की है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि अंदरूनी गुटबाजी अभी खत्म नहीं हुई है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
