मोहाली नगर निगम चुनाव में बैलेट पेपर की गोपनीयता (सीक्रेसी) को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। अजीत सिंह नगर (मोहाली) के पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने आरोप लगाया है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान बैलेट सीक्रेसी का स्पष्ट उल्लंघन हुआ, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के साथ-साथ पंजाब में 26 मई को हुई पोलिंग को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।

इस संबंध में कुलजीत सिंह बेदी ने सोमवार को निर्वाचन आयोग, पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब के मुख्य सचिव और एसएएस नगर के डिप्टी कमिश्नर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई और तत्काल जांच की मांग की है।

बेदी के अनुसार, यह गंभीर गड़बड़ी तब सामने आई जब वे मोहाली के फेज-32 स्थित डॉ. आर.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट में बनाए गए बूथ नंबर 38 पर वोट डालने पहुंचे। यह बूथ वार्ड नंबर 10 के अंतर्गत आता है। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने काउंटरफॉइल रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के बाद बैलेट पेपर प्राप्त किया, तो उन्होंने पाया कि काउंटरफॉइल और बैलेट पेपर दोनों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था।

उनका कहना है कि यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है क्योंकि मतदान के बाद सीरियल नंबर के आधार पर किसी भी मतदाता के वोट को उम्मीदवार से जोड़ा जा सकता है, जिससे वोट की गोपनीयता पूरी तरह भंग हो जाती है। बेदी ने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनावों की मूल भावना के खिलाफ है।

उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मौके पर मौजूद पोलिंग स्टाफ से इस पर आपत्ति जताई, तो उन्हें कथित रूप से यह जवाब दिया गया कि बैलेट पेपर चुनाव अधिकारियों द्वारा इसी प्रारूप में उपलब्ध कराए गए हैं और इसमें कोई बदलाव संभव नहीं है।

बेदी ने इस पूरे घटनाक्रम को “बहुत गंभीर” बताते हुए कहा कि यदि वोटिंग की गोपनीयता ही सुरक्षित नहीं है तो लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि मतदाताओं को यह भरोसा न रहे कि उनका वोट सुरक्षित है, तो चुनावी व्यवस्था पर से जनता का विश्वास समाप्त हो जाएगा।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि तत्काल प्रभाव से सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए गए तो भविष्य में, विशेषकर 2027 के विधानसभा चुनावों में, इस प्रकार की जानकारी का दुरुपयोग किया जा सकता है। बेदी ने साफ किया कि यदि चुनाव आयोग और प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो वे इस मामले को सक्षम न्यायालय में चुनौती देंगे और कानूनी रास्ता अपनाएंगे।

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पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में पठानकोट के रहने वाले बलजीत सिंह नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। बलजीत सिंह पर आरोप है कि उसने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाई। पुलिस ने बताया कि पंजाब में चक्क धारीवाल गांव के निवासी बलजीत सिंह उर्फ ​​बिट्टू ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के पठानकोट-जम्मू खंड पर एक पुल के पास एक दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगाया था। ऐसा करने के पीछे बलजीत सिंह का मकसद सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों पर नजर रखना था।