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केंद्र की Jobs में बिना इंटरव्यू वाली पहल को अपना रहे 18 राज्य लेकिन BJP शासित MP, गुजरात को नहीं जानकारी

केंद्र की ओर से हाल में जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, मणिपुर और पंजाब जैसे राज्य तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणियों की सरकारी नौकरियों के लिए साक्षात्कार लेने की प्रक्रिया समाप्त करने के लिए कदम उठा रहे हैं।

Author नई दिल्ली | February 1, 2016 9:33 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर

ऐसा बताया जा रहा है कि कनिष्ठ स्तर की सरकारी नौकरियों के लिए साक्षात्कार समाप्त करने के केंद्र के सुझाव को 18 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपना रहे हैं लेकिन इस मामले में दिल्ली के अलावा भाजपा शासित गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ द्वारा उठाए गए कदमों के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

केंद्र की ओर से हाल में जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, मणिपुर और पंजाब जैसे राज्य तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणियों की सरकारी नौकरियों के लिए साक्षात्कार लेने की प्रक्रिया समाप्त करने के लिए कदम उठा रहे हैं। राजस्थान, महाराष्ट्र और झारखंड में भाजपा सरकारों के साथ साथ पंजाब (जहां भाजपा और शिरोमणि अकाली दल की साझी सरकार है) भी केंद्र द्वारा एक जनवरी से शुरू की गई पहल को लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा पिछले सप्ताह सार्वजनिक की गई स्थिति रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड, केरल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली ने भी इस संबंध में उठाए गए कदमों के बारे में केंद्र को जानकारी दी है। इस सूची में उन प्रयासों का जिक्र किया गया है जो मोदी सरकार की पहल को लागू करने के लिए किए गए हैं या किए जा रहे हैं लेकिन इस सूची में गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली जैसे अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का कोई जिक्र नहीं है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर देश को अपने संबोधन में उन तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणियों की नौकरियों के लिए साक्षात्कार लेने की प्रक्रिया समाप्त किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया था जहां शख्सियत के मूल्यांकन की बहुत अधिक आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा था कि इससे भर्तियों के दौरान होने वाले भ्रष्टाचार के उन्मूलन में मदद मिलेगी और यह प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनेगी। मोदी ने योग्यता के आधार पर आॅनलाइन भर्ती प्रक्रिया पर बल दिया था। डीओपीटी ने सचिवों की समिति की सिफारिशों के आधार पर पहले ही कनिष्ठ स्तर के पदों के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया समाप्त करने का निर्णय ले लिया है।

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