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RSS के ‘पॉजिटिविटी अनलिमिटेड’ कार्यक्रम में शामिल हुए अज़ीम प्रेमजी, बोले- महामारी को ईमानदारी से स्वीकार करना जरूरी

उन्होंने समझाया कि विज्ञान पीछे सत्य को स्वीकारने और उससे जूझने का भाव निहित है। अतएव, हमको इस त्रासदी, इसकी व्यापकता और इसके फैलाव के मुकाबले सच्चाई के साथ लड़ना होगा।

अजीम प्रेमजी ने RSS के कार्यक्रम में दिया भाषण। फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव

कोविड संकट से निपटने का आधार सत्य और विज्ञान होना चाहिए। यह बात कही है सुप्रसिद्ध उद्योगपति एवं मानवसेवी अज़ीम प्रेमजी ने। वे आरएसएस से संबद्ध कोविड रिस्पॉन्स टीम द्वारा आयोजित व्याख्यान माला पॉज़िटिविटी अनलिमिटेड में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह वक्त सब लोगों में एका का है। हमें मतभेद भुलाकर कोरोना से मिलकर लड़ना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि महामारी की व्यापकता को ईमादारी से स्वीकार करना होगा।

दूरदर्शन पर प्रसारित अपने भाषण में प्रेम जी ने कहा कि हमें कोविड की व्यापकता और संक्रमण को सच्चाई के साथ स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि महामारी से लड़ने के लिए जितनी ज्यादा रफ्तार संभव हो उतनी रफ्तार से हर मोर्चे पर जंग छेड़ देनी चाहिए। महामारी से यह जंग अच्छे विज्ञान पर आधारित होनी चाहिए। ऐसे उपाय जो विज्ञान सम्मत नहीं हैं, वे फायदे की बजाय नुकसान ही पहुंचाते हैं।

उन्होंने समझाया कि विज्ञान पीछे सत्य को स्वीकारने और उससे जूझने का भाव निहित है। अतएव, हमको इस त्रासदी, इसकी व्यापकता और इसके फैलाव के मुकाबले सच्चाई के साथ लड़ना होगा। मौजूदा हालात में एकजुटता से काम करने की बहुत ज़रूरत है। हम साथ-साथ हैं तो मजबूत रहेंगे, बिखरे हुए हैं तो लड़खड़ाएंगे।

मानव हितैषी कार्यों में बढ़कर आगे रहने वाले प्रेमजी ने वर्तमान परिस्थितियों में गरीबों का ख्याल रखे जाने की आवश्यकता बताई और कहा कि इनकी मदद के लिए सभी को आगे आना चाहिए। ये समाज के सबसे कमजोर लोग हैं। हमे अपने कदम इन लोगों को प्राथमिकता में रख कर उठाने चाहिए। हम जब गरीबों और गांवों की ओर नज़र डालते हैं तो हालात हृदय विदारक दिखते हैं। महामारी ही नहीं, इसके कारण उपजा आर्थिक संकट भी लोगों की जिन्दगियों को बरबाद कर रहा है।

समाज को समता मूलक बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि महामारी के खात्मे के बाद हमको अपने समाज और अर्थव्यवस्था को इस तरह पुनर्गठित करना होगा जहां आज की तरह असमानताएं और अन्याय न हो। उन्होंने सबसे एकजुट होने अपील की और कहा कि समय का तकाजा भी यही है।

इस मौके पर आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने परेशानी की घड़ी में भगवान का स्मरण करने का आह्वान किया और अपील की कि नकारात्मक सूचनाएं कोई न फैलाए। वे बोलेः महामारी को लेकर टीवी समाचारों पर ज्यादा फोकस न करें।

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