ताज़ा खबर
 

तीस्ता और रोहिंग्या पर रास्ता खोजेंगे मोदी, हसीना व ममता

भारत और बांग्लादेश के नेता अनौपचारिक मुलाकात और वार्ता के जरिए रोहिंग्या शरणार्थियों व तीस्ता जल बंटवारा मुद्दे का हल निकालने के लिए 25 मई को मुलाकात करेंगे।

Author नई दिल्ली | May 6, 2018 02:39 am
भारत और बांग्लादेश के नेता अनौपचारिक मुलाकात और वार्ता के जरिए रोहिंग्या शरणार्थियों व तीस्ता जल बंटवारा मुद्दे का हल निकालने के लिए 25 मई को मुलाकात करेंगे।

दीपक रस्तोगी
भारत और बांग्लादेश के नेता अनौपचारिक मुलाकात और वार्ता के जरिए रोहिंग्या शरणार्थियों व तीस्ता जल बंटवारा मुद्दे का हल निकालने के लिए 25 मई को मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की उनकी समकक्ष शेख हसीना के साथ बातचीत में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल होंगी। तीनों नेता 25 मई को कोलकाता में दिन भर इन मुद्दों पर आमने-सामने की बातचीत करेंगे। तीनों नेता शांतिनिकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में आमंत्रित हैं। कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद तीनों नेता कोलकाता राजभवन में बैठक कर इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसी हफ्ते बांग्लादेश के एक प्रतिनिधिमंडल के भारत दौरे में इस अनौपचारिक बैठक की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया है।

सुषमा स्वराज की 10-11 मई को होने वाली म्यांमा यात्रा के पखवाड़े भर बाद यह मुलाकात होगी। रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर सुषमा जो आश्वासन वहां से लाएंगी, उसके आधार पर ही आगे की कार्ययोजना पर तीनों नेता कोलकाता बैठक में बात करेंगे। दूसरा अहम सवाल 1983 से लंबित तीस्ता नदी के पानी के बंटवारा का मुद्दा है, जिसमें पश्चिम बंगाल अहम शरीक है। बांग्लादेश के लिए छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा को लेकर ममता बनर्जी की आपत्ति के कारण भारत-बांग्लादेश के बीच संधि पर दस्तखत नहीं हो पा रहे हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना निजी तौर पर ममता बनर्जी से जिद छोड़ने की अपील कर चुकी हैं। देश के पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर ने कई बार सुश्री बनर्जी के साथ संधि के प्रारूप पर बातचीत की। हाल में बांग्लादेश में भारत के राजदूत हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने भी कोलकाता जाकर सुश्री बनर्जी से बातचीत की है।

तीनों नेता शांतिनिकेतन में टैगोर म्यूजियम के उद्घाटन के मौके पर जुटेंगे। विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) प्रीति सरन के अनुसार, ‘तीनों नेताओं के बीच इस मौके पर होने वाली वार्ता अनौपचारिक होगी।’ भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त सैय्यद मुअज्जम अली ने बताया, ‘बांग्लादेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री ओबैदुल कादेर के नेतृत्व में अवामी लीग का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली आकर प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अफसरों से मिला। ये लोग कोलकाता जाकर बंगाल की मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट से भी मिले। प्रतिनिधिमंडल ने तीस्ता मुद्दे पर जल्द रास्ता निकालने की जरूरत पर जोर दिया। भारत ने रोहिंग्या शरणार्थियों की घर वापसी पर जोर दिया, जिसपर हम बात करेंगे।’ बंगाल के वरिष्ठ मंत्री मनीष गुप्ता ने बताया, ‘बंगाल की मुख्यमंत्री इन मुद्दों पर जनभावनाओं के अनुरूप ही बात करेंगी। हम नहीं चाहते कि बंगाल की कीमत पर कोई संधि हो या संधि की शर्तों में पड़ोसी मुल्क को नुकसान उठाना पड़े।’

मनीष गुप्ता ने बताया कि बंगाल में रोहिंग्या शरणार्थियों की आमद के मद्देनजर इस मुद्दे को बांग्लादेश के साथ उठाना जरूरी है। विदेश मंत्रालय और बंगाल सरकार- दोनों चाहते हैं कि इस साल मानसून के पहले रोहिंग्या शरणार्थियों की रखाइन वापसी को लेकर कोई रास्ता निकल आए। बांग्लादेश के उच्चायुक्त का जोर इस बात पर है कि इस मुद्दे को मानवीय पहलू के आधार पर सुलझाया जाए। इन बैठकों में भारत और बांग्लादेश के विदेश मंत्रालयों के अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि ममता बनर्जी सकारात्मक रुख दिखाएंगी। शेख हसीना के इस दौरे में बंगाल का काजी नजरूल विश्वविद्यालय उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान करेगा। समारोह में ममता बनर्जी भी होंगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App