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भाजपा पर सस्ती राजनीति करने का आरोप लगाया बसपा ने

धान क्रय में किसानों को आ रही दिक्कतों का संज्ञान लेते हुए देवीपाटन मंडल के आयुक्त एसवीएस रंगाराव ने साधन सहकारी समिति बनघुसरा पर छापेमारी की।

Author लखनऊ | December 14, 2017 1:25 AM
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती।

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर सस्ती राजनीति करने का आरोप लगाते बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत सहित मातृभूमि का पूरा-पूरा आदर-सम्मान करती है और देशहित को पहली प्राथमिकता देती है। रठ नगर निगम चुनाव के बाद बसपा की मेयर सुनीता वर्मा एवं अन्य के शपथ-ग्रहण समारोह को राजनीति का अखाड़ा बनाने की कोशिश करने पर भाजपा की तीखी आलोचना करते हुए मायावती ने कहा कि शपथ-ग्रहण समारोह के कार्यक्रम को सरकारी अधिकारियों को कानून के हिसाब से संचालित करने के लिए छोड़ देना चाहिए था, ताकि सब कुछ सुचारू रूप से हो सके। मगर भाजपा के सदस्यों ने इसके बजाय इसे अपने हिसाब से संचालित करने के क्रम में बसपा के विरूद्ध नारेबाजी शुरू कर दी और इसी दौरान वंदेमातरम भी गाना शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में अगर नवनिर्वाचित मेयर सुनीता वर्मा स्वयं खड़ी नहीं हो पाईं तो कम-से-कम अधिकारियों को इसका संज्ञान लेकर उनको बताना चाहिए था कि वंदे मातरम गाया जा रहा है। मायावती ने कहा कि लोकतांत्रिक परम्पराओं के निर्वहन में बसपा कभी किसी से पीछे नहीं रही है और इसी कारण संसद व विधानसभा के उद्घाटन सत्र में राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत की परंपरा का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित किया है। मेयर और पार्षदों के शपथ-ग्रहण समारोह का भाजपा द्वारा अव्यवस्था फैला कर इसको बसपा के खिलाफ राजनीति के अखाड़े के रूप में इस्तेमाल करके पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की। यह सर्वथा गलत व अशोभनीय है।

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मायावती ने कहा कि शहरी निकाय के चुनाव में सत्ताधारी पार्टी होने व सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने के बावजूद भाजपा के 45 फीसद यानी लगभग आधे प्रत्याशी अपनी ज़मानत तक नहीं बचा पाए हैं, जिसका क्रोध व खीझ उन्हें बसपा पर निकालने के बजाय उन्हें अपने अंदर झाँक कर देखना चाहिए कि जनता उनसे इतनी ज्Þयादा आक्रोशित क्यों हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहरी निकाय चुनाव के बाद इस प्रकार की सस्ती राजनीति की शुरुआत स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की जब उन्होंने केवल भाजपा के विजयी मेयरों को प्रधानमंत्री निवास में दावत पर बुलाया। भाजपा मेयरों के लिए अगर यह कार्यक्रम भाजपा के मुख्यालय में आयोजित किया जाता तो ठीक था। मगर प्रधानमंत्री निवास को भी राजभवन की तरह भाजपा और संघ की गतिविधि के लिए इस्तेमाल किया जाने लगेगा तो फिर भाजपा द्वारा इस तरह के मामले सामने आएंगे।

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