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मुस्लिम युवक ने जान पर खेल बचाई 5 हिंदुओं की जिंदगी, जान लेने पर उतारू थी भीड़

लोगों की भीड़ 5 लोगों के इस ग्रुप को पीटने के लिए मौके पर पहुंच गई। इस बीच पीड़ितों को बचाने के लिए एक स्थानीय मुस्लिम युवक वसीम सामने आया और उसने पांचों लोगों को एक घर में धकेलकर बंद कर दिया।

रविवार को महाराष्ट्र के धुले जिले में 5 लोगों को भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने के कुछ घंटे बाद ही महाराष्ट्र के नासिक में भी इसी तरह की घटना सामने आयी है। इस मामले में भी गुस्सायी भीड़ ने 5 लोगों को बच्चा चोरी के शक में पीट-पीटकर मारने की कोशिश की। हालांकि इलाके के ही एक मुस्लिम युवक ने अपनी जान पर खेलकर इन लोगों की जान बचा ली। बाद में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह पीड़ित लोगों को बचाया।

क्या है मामलाः खबर के अनुसार, 5 लोगों का एक ग्रुप, जिसमें 2 महिलाएं और एक बच्चा था, काम की तलाश में धुले जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में इस ग्रुप में शामिल बच्चे की तबीयत खराब हो गई, जिस कारण इस ग्रुप ने वापस परभनी जिले में स्थित अपने घर लौटने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि इन लोगों के पास घर जाने के लिए पैसे नहीं थे, तो इन लोगों ने मालेगांव पहुंचकर लोगों से मदद लेनी चाही। रात में करीब 9.30 बजे ये लोग स्थानीय लोगों से पैसों की मदद लेने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन्होंने एक 13 साल के लड़के से मराठी में बात की। लड़का उनकी बात समझ नहीं सका और घबराकर अपने घर पहुंचा और अपने परिजनों को बताया कि कुछ लोगों ने उसे उठाने की कोशिश की। बच्चे की इस बात पर उसके परिजन आग-बबूला हो गए और देखते ही देखते बच्चा-चोरी की अफवाह पूरे इलाके में फैल गई।

बताया जा रहा है कि इसके बाद लोगों की भीड़ 5 लोगों के इस ग्रुप को पीटने के लिए मौके पर पहुंच गई। इस बीच पीड़ितों को बचाने के लिए एक स्थानीय मुस्लिम युवक वसीम सामने आया और उसने पांचों लोगों को एक घर में धकेलकर बंद कर दिया। वसीम के चाचा राशीद राशनवाला भी मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाने का प्रयास किया। कुछ देर बाद ही हंगामे की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई और किसी तरह पीड़ितों को लोगों से बचाया। हालांकि गुस्साई भीड़ ने एक पुलिस वैन और एक बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया।

पुलिस ने बचाए गए लोगों की पहचान गजानन हीरे (30 वर्ष) उनकी पत्नी सिंधु (28 वर्ष) उनका 2 वर्षीय बेटा, योगेश वानी (30 वर्ष) और उनकी पत्नी अनसुया वानी (30 वर्ष) के तौर पर हुई है। साथ ही पुलिस अधिकारियों ने अपनी जान पर खेलकर इन लोगों की जान बचाने वाले मुस्लिम युवकों की भी खूब तारीफ की। राशनवाला का कहना है कि हम लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि मुस्लिम लोगों को मारते नहीं हैं, बल्कि लोगों को बचाते हैं। मैंने मानवता को बचाने के लिए उन पांचों को अपने घर में रखा था। वहीं पुलिस ने बवाल करने के आरोप में 250 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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