टीवीके सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हमने कहा था कि हम छह महीने तक सरकार की आलोचना करने से बचेंगे लेकिन इन्होंने राज्य में ऐसे हालात बना दिए हैं कि चर्चा अब जरूरी हो गई है।

बीते दिन चेन्नई में भी स्टालिन ने कहा था कि जोसेफ विजय की सरकार उनके और उनके सहयोगी दलों की कृपा से चल रही है।

लोग सोच रहे कि तीन महीने चल पाएगी सरकार- स्टालिन

DMK अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने कहा, “जब जोसेफ विजय सरकार ने सत्ता संभाली थी, तो हमने कहा था कि हम छह महीने तक आलोचना करने से बचेंगे। लेकिन इसी दौरान ऐसे हालात बन गए हैं जिन पर चर्चा करना ज़रूरी हो गया है। कई लोग पहले से ही इस बारे में बात कर रहे हैं।”

स्टालिन ने सरकार के बने रहने पर सवाल उठाया और कहा, “हालात ऐसे हैं कि लोग सोच रहे हैं कि क्या यह सरकार पांच-छह महीने तो क्या, तीन महीने भी चल पाएगी या नहीं।”

कार्यकर्ताओं से टीवीके को समाप्त करने का आग्रह किया

बीते दिन डीएमके अध्यक्ष ने चेन्नई में टीवीके सरकार को लेकर कहा था कि उनकी सरकार केवल उनकी पार्टी और उसके सहयोगियों की कृपा से सत्ता चला पा रही है। इसके बाद उन्होंने डीएमके कार्यकर्ताओं से टीवीके पार्टी को खत्म करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। चेन्नई में डीएमके में 1000 से अधिक एआईएडीएमके के कार्यकर्ता शामिल हुए। इसी दौरान डीएमके अध्यक्ष ने एक सभा के दौरान यह बातें कहीं।

स्टालिन ने कहा कि उन्होंने विधानसभा चुनावों के बाद टीवीके का समर्थन करने के अपने सहयोगियों के फैसले का विरोध नहीं किया था। उन्होंने कहा, “जब गठबंधन दलों ने मुझे अपनी योजनाओं के बारे में बताया तो मैंने कहा आप जा सकते हैं, यह आपकी पसंद है और आपका लोकतांत्रिक हक है। मैं आपको नहीं रोकूंगा। मैंने उन्हें केवल राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने से रोकने के इरादे से भेजा, जिससे तमिलनाडु में विजय सरकार बनने का रास्ता साफ हो सका।”

स्टालिन ने याद दिलाया कि डीएमके सरकार को 1976 में बर्खास्त कर दिया गया था और पार्टी 1989 तक सत्ता से बाहर रही। उन्होंने 2021 में पार्टी की सत्ता में वापसी से पहले मिली चुनावी असफलताओं और सफलताओं का भी जिक्र किया।

स्टालिन ने कहा, “इसीलिए हम आज यह साबित कर रहे हैं कि डीएमके सदस्य वह व्यक्ति है जो न तो जीत के पीछे पागल हो जाता है, न ही हार का सामना करने पर हिम्मत हारकर पीछे हटता है, बल्कि निरंतर काम करता रहता है।”

मई में दिया था तीखा बयान

इससे पहले उन्होने मई में एक तीखा बयान दिया था। स्टालिन ने कहा था कि टीवीके के पास कहने को कई संगठनात्मक ढांचा नहीं है। टीवीके ने अपनी राजनीतिक उपस्थिति मुख्य रूप से इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया से बनाई है, न कि लोगों के घर जाकर, बूथ एजेंट नियुक्त करने और पार्टी अभियान जैसे धीमे और नीरस कामों से लोगों के बीच काम किया है।

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डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने शनिवार को दावा किया कि उनकी पार्टी ने गठबंधन सहयोगियों को टीवीके का समर्थन करने की इजाजत केवल राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने से रोकने के इरादे से दी थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें