मंत्री ने कहा- मेरे क्षेत्र में जो अधिक बच्चे पैदा करेगा उसे मेरे बेटे की कंपनी देगी लाख रुपए का इनाम

मिजोरम का क्षेत्रफल लगभग 21,087 वर्ग किलोमीटर है, यानी प्रति वर्ग किलोमीटर में केवल 52 व्यक्ति के साथ मिजोरम देश का दूसरा सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है।

Mizoram, Population Control
मिजोरम के मंत्री रॉबर्ट रोमाविया रॉयटे। (फोटो- IANS)

भारत में जहां एक तरफ कई राज्य जनसंख्या नियंत्रण कानून का समर्थन कर रहे हैं, वहीं पूर्वोत्तर के एक राज्य में तो आबादी बढ़ाने के लिए मंत्री ने ही नकद इनाम का ऐलान किया है। मामला है मिजोरम का, जहां खेल मंत्री रॉबर्ट रोमाविया रॉयटे ने कहा है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज्यादा बच्चों वाले माता-पिता को 1 लाख रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।

रॉयटे ने ऐलान सरकार की तरफ से नहीं किया है। उनका कहना है कि इस इनाम और एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का खर्च उनके बेटे की कंपनी उठाएगी। मंत्री के मुताबिक, फर्टिलिटी रेट और मिजो आबादी की घटती विकास दर एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। रॉयटे ने कहा, “मिजोरम अपनी आबादी में क्रमिक गिरावट के कारण विभिन्न क्षेत्रों में विकास प्राप्त करने के लिए लोगों की जरूरी संख्या से काफी नीचे है। कम आबादी एक गंभीर मुद्दा है और मिज़ो जैसे छोटे समुदायों या जनजातियों के जीवित रहने और प्रगति के लिए एक बाधा है।”

उनके इस कदम का उद्देश्य कम जनसंख्या वाले मिजो समुदायों को जनसंख्या वृद्धि को लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि कुछ चर्च और नागरिक समाज संगठन जैसे यंग मिजो एसोसिएशन भी राज्य में जनसंख्या वृद्धि के लिए बेबी बूम नीति की वकालत कर रहे हैं।

देश का दूसरा सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है मिजोरम: गौरतलब है कि 2011 में हुई जनगणना के अनुसार, मिजोरम की जनसंख्या 10 लाख 91 हजार 14 थी। राज्य का क्षेत्रफल लगभग 21,087 वर्ग किलोमीटर है। यानी प्रति वर्ग किलोमीटर में केवल 52 व्यक्ति के साथ मिजोरम देश का दूसरा सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है। पहले नंबर पर अरुणाचल प्रदेश है, जिसका जनसंख्या घनत्व 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। राष्ट्रीय औसत 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर का है।

आबादी नियंत्रण पर असम सरकार का उल्टा रुख: उधर उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर का एक राज्य असम इस वक्त दूसरी राह पकड़े हुए है। यहां मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने हाल ही में कहा था कि कर्ज माफी हो या कोई अन्य सरकारी स्कीम, हम धीरे-धीरे इन योजनाओं के लिए जनसंख्या नीति लागू करेंगे। जनसंख्या मानदंड चाय बागानों, एससी, एसटी समुदायों पर लागू नहीं होंगे, लेकिन भविष्य में सरकार से लाभ प्राप्त करने वाले अन्य सभी पर लागू होंगे क्योंकि असम में जनसंख्या नीति पहले ही शुरू हो चुकी है।”

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