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GES 2017: पीएम नरेंद्र मोदी और इवांका की मौजूदगी में ‘मित्र’ रोबोट ने लूटी महफिल, जानिए क्‍या है खास

मित्रा को बेंगलुरु की इन्वेंटो रोबोटिक्स ने बनाया है, जिसकी स्थापना अक्टूबर 2015 में हुई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सलाहकार इवांका ट्रंप।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सलाहकार इवांका ट्रंप ने मंगलवार को हैदराबाद में स्वदेशी निर्मित रोबोट मित्रा का बटन दबाकर ग्लोबल आंत्रप्रोन्योर समिट का उद्घाटन किया। मित्र को बेंगलुरु की इन्वेंटो रोबोटिक्स ने बनाया है, जिसकी स्थापना अक्टूबर 2015 में हुई थी। इस कंपनी के संस्थापक बालाजी विश्वनाथन हैं, जो सिलिकन वैली और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं। कंपनी के एक सीनियर अधिकारी ने एचटी को बताया कि मित्र को पूरी तरह से भारत में बनाया गया है। रोबोट के पीछे का मकसद लोगों को बेहतर और प्रासंगिक जानकारी मुहैया कराना है। स्वदेशी निर्मित मित्र सटीक अॉपरेटिंग सिस्टम पर चलता है। कंपनी इस रोबॉट के कई वर्जन बेच चुकी है, जो कॉरपोरेट और बैंकिंग में काम कर रहे हैं। इसमें अलग-अलग तरह के चिपसेट इस्तेमाल किए जाते हैं। कई वर्जन्स में क्वालकॉम चिपसेट्स का भी यूज होता है।

ये हैं खासियतें: अधिकारी ने बताया कि इस रोबॉट की बॉडी फाइबर ग्लास से बनी हुई है और छाती पर टचस्क्रीन लगी है। एक बार चार्ज करने पर मित्र 8-10 घंटे तक चल सकता है। इन्वेंटो ने कहा कि उसने बेंगलुरु के केनरा बैंक में इस रोबॉट की स्थापना की है। यह रोबॉट पार्टी में तस्वीरें खींच सकता है, डीजे बजा सकता है और लाइव ट्वीट भी कर सकता है। यह चेहरा पहचानने वाली टेक्नॉलजी से लैस है और कंपनी के मुताबिक यह काफी सटीक है। यह ह्यूमनॉइड रोबॉट कई भाषाएं समझ सकता है। फिलहाल मित्र कन्नड़ और अंग्रेजी को सपोर्ट करता है, लेकिन जल्द ही इसमें हिंदी भी इन्स्टॉल की जाएगी।

वैश्विक उद्यमिता सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे भारत में निवेश के अनुकूल माहौल का फायदा उठाएं। मोदी ने कहा, “दुनिया भारत के मेरे निवेशक मित्रो, मैं आपसे कहना चाहता हूं कि आइए, भारत में उत्पादन कीजिए, भारत में निवेश कीजिए, भारत के लिए और दुनिया के लिए। मैं आप सब को भारत के विकास की कहानी में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित करता हूं। और एक बार फिर आपको आश्वस्त करता हूं कि हम आपको पूरे दिल से समर्थन देंगे।”

प्रधानमंत्री से पहले इवांका ने सम्मेलन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “जब न्यायसंगत कानूनों की बात आती है, तो कई विकसित और विकासशील देशों ने जबरदस्त प्रगति की है, फिर भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।” उन्होंने कहा कि कुछ देशों में महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाता, अकेले सफर करने नहीं दिया जाता, या बिना अपने पतियों के सहमति से काम करने नहीं दिया जाता। वहीं, कुछ अन्य देशों में सांस्कृतिक और पारिवारिक दवाब इतना ज्यादा होता है कि महिलाओं को घर से बाहर जाकर काम करने की आजादी नहीं मिलती।

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