उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र में शादी से इनकार करने पर एक युवक ने गुरुवार को एक युवती की कथित रूप से गोली मारकर हत्या कर दी और फिर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बड़ौत क्षेत्र के महावतपुर बावली गांव में जो हुआ, वह एक आम सी मोबाइल मिस्ड कॉल से शुरू हुई कहानी का बेहद दर्दनाक अंत है। दो साल पहले आरोपी युवक सतनाम के मोबाइल से एक मिस्ड कॉल वहीं की गुड्डन के फोन पर गई थी। उसी मिस्ड कॉल से बातचीत शुरू हुई, फिर धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और प्यार हो गया। लेकिन यह प्यार आखिरकार खून और मौत पर जाकर खत्म हो गया।
सतनाम का परिवार काफी बड़ा है। उसके पिता कृष्णपाल और मां सुषमा हैं। उसके पांच भाई और तीन बहनें हैं, जिनमें से दो बहनों की शादी हो चुकी है। पूरा परिवार पिछले करीब पंद्रह साल से पंजाब के जालंधर में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है। गांव में उनका मकान अक्सर बंद ही रहता है। जब परिवार का कोई सदस्य गांव आता है, तभी ताला खुलता है। सतनाम भी ज्यादातर पंजाब में रहकर मजदूरी करता था।
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गुड्डन का परिवार गांव में ही रहता है। उसके पिता लख्मी बड़ौत कोतवाली में चौकीदार हैं। मां राजकली घर और खेत का काम संभालती हैं। गुड्डन का एक भाई बॉबी बिजली विभाग में मजदूरी करता है और उसकी तीन बहनें भी हैं। गुड्डन घर पर रहकर कपड़ों की सिलाई का काम करती थी।
घर एक-दूसरे से करीब 70 मीटर की दूरी पर
सतनाम और गुड्डन के घर एक-दूसरे से करीब 70 मीटर की दूरी पर हैं। गांव में एक-दूसरे को जानते जरूर थे, लेकिन पहले ज्यादा बातचीत नहीं होती थी। दो साल पहले मिस्ड कॉल के बाद फोन पर बात शुरू हुई और दोनों एक-दूसरे से भावनात्मक रूप से जुड़ गए। धीरे-धीरे यह रिश्ता परिवार वालों को पता चल गया। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते का विरोध किया, खासकर समाज और जाति के अंतर को लेकर।
परिवार के दबाव के चलते गुड्डन ने कुछ समय से सतनाम से बात कम कर दी थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव रहने लगा। सतनाम इस स्थिति से काफी परेशान रहने लगा। करीब एक हफ्ते पहले वह पंजाब से यह कहकर गांव आया था कि घर की सफाई कर वापस चला जाएगा। गांव आने के बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया।
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घटना वाले दिन सतनाम ने गुड्डन को उसके घर के बाहर ही रोक लिया। दोनों के बीच कहासुनी हुई और गुस्से में आकर सतनाम ने तमंचा निकालकर गुड्डन के सिर में गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर गांव के लोग बाहर दौड़े। अजयपाल और सुधीर जैसे ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने गुड्डन को खून से लथपथ जमीन पर पड़ा देखा। उसे तुरंत सीएचसी ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गांव वालों ने सतनाम को वहां से जाते हुए देखा, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह खुद भी जान दे देगा। कुछ समय बाद सतनाम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस तरह दो जिंदगियां एक ही दिन में खत्म हो गईं।
‘प्रेम-प्रसंग पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था’
पुलिस ने शुरुआत में जब जांच की तो कुछ लोगों को लगा कि यह एकतरफा प्यार का मामला है। लेकिन जब दोनों की कॉल डिटेल निकाली गई तो साफ हो गया कि दोनों के बीच पिछले दो साल से लगातार बातचीत हो रही थी। जांच अधिकारी मनोज चहल के मुताबिक, हाल के दिनों में बातचीत कम जरूर हुई थी, लेकिन प्रेम-प्रसंग पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। बार-बार होने वाले झगड़ों की वजह से बातचीत ज्यादा देर तक नहीं हो पा रही थी।
घटना की खबर मिलने पर सतनाम के परिवार का गुस्सा और दुख साफ नजर आया। पिता कृष्णपाल ने कहा कि बेटे ने पूरे परिवार को शर्मसार कर दिया। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर पता होता कि वह ऐसा करेगा, तो उसे जन्म लेते ही मार देते। पहले तो परिवार ने गांव आने और अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया। बाद में ग्रामीणों के समझाने पर वे गांव आने को तैयार हुए।
दोनों की बिरादरी अलग-अलग होने के कारण माहौल बेहद संवेदनशील था। गुड्डन का अंतिम संस्कार पोस्टमार्टम के बाद उसी दिन कर दिया गया, जबकि सतनाम का अंतिम संस्कार अगले दिन किया गया।
यह कोई पहली घटना नहीं है। आसपास के इलाकों में पिछले कुछ महीनों में प्रेम संबंधों को लेकर कई दर्दनाक घटनाएं हो चुकी हैं। कहीं प्रेमी-प्रेमिका ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी, तो कहीं परिवार वालों ने ही हत्या कर दी।
