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BSF को महबूबा मफ्ती का निर्देश, न करें छर्रे वाली बंदूकों का प्रयोग, उग्रवादियों और उनके परिवार में फर्क समझें

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज सुरक्षा बलों से कहा कि वे छर्रे वाली बंदूकों का प्रयोग करने से बचें तथा पथराव करने वालोंं और उग्रवादियों तथा उनके परिवारों के बीच फर्क करें।

Author लेथपोरा (जम्मू-कश्मीर) | December 14, 2016 5:11 PM
BSF को महबूबा मफ्ती का निर्देश, छर्रे वाली बंदूकों के प्रयोग से बचें और उग्रवादियों उनके परिवारों के बीच फर्क करें

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज सुरक्षा बलों से कहा कि वे छर्रे वाली बंदूकों का प्रयोग करने से बचें तथा पथराव करने वालोंं और उग्रवादियों तथा उनके परिवारों के बीच फर्क करें। उन्होंने यह रेखांकित किया कि घाटी में हालिया अशांति के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग किया गया था। महबूबा ने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति से निपटने में हमें कई बार बल प्रयोग करना पड़ता है और मुझे यह स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं है। हम सभी को सच बोलना चाहिए। हमें बल प्रयोग करना पड़ा क्योंकि हमें जम्मू-कश्मीर के लोगों की जान और माल की सुरक्षा करनी थी।’ दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में स्थित कमांडो प्रशिक्षण केन्द्र में जम्मू-कश्मीर पुलिस की पासिंग आउच्च्ट परेड के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उक्त बातें कहीं।

महबूबा ने कहा, यदि बल प्रयोग नहीं किया गया होता तो क्षति बहुत ज्यादा होती। उन्होंने कहा, ‘‘यदि हमने ऐसा नहीं किया होता, तो और हत्याएं होतीं, और नुकसान होता। लेकिन अब, हमारा लक्ष्य ऐसे लोगों को ध्यान में रखना होना चाहिए जो इस स्थिति, हड़तालों और कर्फ्यू के कारण अपने घरोंं में कैद हैं और देखना होगा कि पिछले छह महीने में उनके साथ क्या हुआ है।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब स्थिति में सुधार हुआ है और वक्त आ गया है जब हमें अपने ‘‘तरीकों में बदलाव लाना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब मैं सोचती हूं कि स्थिति में सुधार के बाद लोगों के घावों को भरने का वक्त आ गया है। अब हमें अपने तरीके बदलने होंगे। हमें चार महीने पुरानी स्थिति और मौजूदा हालात में फर्क करना होगा। हमें युवाओं पर खस ध्यान देना होगा।’

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को उग्रवादियों और पथराव में शामिल कानून तोड़ने वालों तथा उनके परिवारों में फर्क करना होगा। महबूबा ने कहा, ‘‘हम प्रत्येक युवा को समान तराजू में नहीं तोल सकते, सभी को संदेह भरी नजरों से नहीं देख सकते, तभी स्थिति में सुधार आएगा। हमें उग्रवादियों और उनके परिवारोंं में फर्क करना होगा। हमें उग्रवादियों और उनके माता-पिता, भाई-बहनों तथा बच्चों में फर्क करना होगा, हम उन्हें एक ही तराजू में नहीं तोल सकते।’’

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