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योजनाएं पत्थर की लकीर नहीं होती समय बीतने के बाद इनमें भी बदलाव जरूरी हैः जेटली

मनरेगा के दस साल पूरे होने पर राजग सरकार ने मंगलवार को दावा किया कि वह ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में सुधार लेकर आई है जो यूपीए शासन के दौरान कोष में अक्सर कमी के कारण दयनीय हालत में थी।

Union Finance Minister Arun Jaitley (Photo: PTI)

मनरेगा के दस साल पूरे होने पर राजग सरकार ने मंगलवार को दावा किया कि वह ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में सुधार लेकर आई है जो यूपीए शासन के दौरान कोष में अक्सर कमी के कारण दयनीय हालत में थी। राजग सरकार की ओर से मनरेगा की प्रशंसा करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुटकी लेते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार का यूपीए सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा की सराहना करना मोदी की राजनीतिक बुद्धिमत्ता का जीता-जागता उदाहरण है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि योजनाएं पत्थर की लकीर नहीं होतीं और समय बीतने के साथ इनमें बदलाव जरूरी होते हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा में राजग शासनकाल में बदलाव हुए और कोष को बढ़ाए जाने के साथ-साथ कई नए कदम उठाए गए ताकि योजना के लाभ बेहतर ढंग से लोगों तक पहुंच सके।

मनरेगा सम्मेलन के मुख्य संबोधन में जेटली ने कहा- इस योजना के क्रियान्वयन में सुधार लाया गया है। जब कोई सरकारी योजना कई साल तक चलती है, तो इसके प्रति एक उदासीनता का भाव पनपने लग जाता है। इस योजना के अपने सातवें या आठवें साल में प्रवेश करने पर इसे लेकर 2013-14 से एक तरह की उदासीनता बढ़ रही थी।

उन्होंने कहा- जब 2014-15 में सरकार बदली तो संसद के बाहर यह बात चल रही थी कि क्या योजना को बंद कर दिया जाएगा या फिर क्या इसके कोष में कमी लाई जाएगी? लेकिन नई सरकार न सिर्फ योजना को आगे लेकर गई बल्कि उसने इसके कोष में भी वृद्धि की। ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि इस योजना का इस्तेमाल करने वाले लोग पिछले 19 महीने में वास्तव में लाभान्वित हुए हैं और वे योजना के सही क्रियान्वयन को लेकर संतुष्ट हैं।

ग्रामीण विकास राज्यमंत्री सुदर्शन भगत ने कहा कि 2014-15 की शुरुआत में जब यूपीए सत्ता में थी, तब मनरेगा की हालत काफी दयनीय थी। उन्होंने दावा किया कि योजना के लिए अधिकतम धन राजग सरकार ने दिया है। सिंह ने कहा कि इस योजना के लिए अब नजर आने वाला आकर्षण राजग शासन में पिछले 18 महीने में किए गए सुधार की वजह से है। यह सुधार पिछले दस साल में नहीं हुआ था।
उन्होंने मनरेगा का कोष आबंटन 33 हजार करोड़ रुपए से बढ़ा कर 36,997 करोड़ रुपए कर देने के सरकार के कदम की सराहना भी की। केंद्रीय मंत्रियों की ओर से ये बयान ऐसे समय पर आए हैं, जब राहुल गांधी यूपीए की प्रमुख ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के दस साल पूरे होने के अवसर पर आंध्र प्रदेश के अनंतपुर स्थित बांदलापल्ली गांव में हैं। यह योजना तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने फरवरी 2006 में इसी स्थान से शुरू की थी।

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