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इस्कॉन मंदिर के साधुओं पर दिव्यांग बच्चे के यौन शोषण का आरोप, मंत्री के पास पहुंचा मामला, फिर भी FIR नहीं

बच्चे की मां ने कहा, "हमने मंदिर के प्रमुख साधु से पातकी साधुओं के कृत्य के बारे में बताया तो उन्होंने मुझे मुंह बंद रखने की सलाह दी।"

child abuse, child molestationतस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (Representative Image)

कन्हैया भेलारी

बिहार की राजधानी पटना में स्थित इस्कॉन मंदिर के कुछ साधुओं पर एक दिव्यांग बच्चे का यौन शोषण का आरोप है। हालांकि अभी तक इस मामले में पुलिस में शिकायत नहीं दर्ज की गयी है। भुक्तभोगी बच्चे और उसकी मां ने जनसत्‍ता.कॉम से बातचीत में ‘गंदी हरकत’ होने की बात कबूल की है। बच्चे की मां ने कहा, “हमने मंदिर के प्रमुख साधु को पातकी साधुओं के कृत्य के बारे में बताया तो उन्होने मुझे मुंह बंद रखने की सलाह दी।” महि‍ला ने अब मामले को भुला देने की बात भी कही।

पीड़ित बालक रोहतास जिला अंतर्गत शिवसागर थाने के पताढ़ी गांव का रहने वाला है। वह मंदिर के रसोई में काम करता था। तीन महीने तक काम किया। फिर ये घटना घटी तो फोन पर रोते हुए उसने अपने मां को बुलाया। मां ही उसे मंदिर में छोड़ गई थी। उसे भगवान कृष्ण में बहुत आस्था है। बच्चे की मां ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास था कि प्रभु की कृपा से उसका दिव्यांग बेटा ठीक हो जाएगा। लेकिन यहां तो उल्टा ही हो गया। अपने को भगवान का परम भक्त होने का दावा करने वाले कुछ साधु ही चरित्रहीन निकले जिन्होने मेरे बेटे के शरीर का दोहन करने का प्रयास किया।’’

मंदिर के प्रमुख भी पीड़ित के बगल के गांव के बाशिंदा हैं। बच्चे की मां कहती हैं, ‘‘मैं और प्रमुख जी एक ही खूंट से निकले दो दाल हैं। यानि दोनो अलग अलग जाति से हैं लेकिन हमारे पूर्वज एक ही थे। इसीलिए हमने तय किया है कि बात को आगे नहीं बढ़ाएं। इज्जत का सवाल है। बेटा को पढाने का मन है लेकिन मजबूर हूं।’’ दरअसल, प्रमुख ने लालच के साथ साथ धमकी भी दी है जिसके कारण पीड़िता चुप है। इधर खबर है कि आरोपित तीनो साधुओं को मंदिर से भगा दिया गया है। अपनी तोतली आवाज में पीड़ित बालक ने बताया कि ‘‘ 5000 रुपए महीना पर मैं काम करता था। अभी तक केवल 3000 रूपया मिला है।’’ परन्तु उसकी मां का कहना है कि ‘‘ पैसे की कोई बात नहीं है। प्रमुख जी से बात हो गई है।’’ महिला ने इज्‍जत का हवाला देकर भी चुप रहने की बात कही।

पुष्ट खबर है कि बिहार सरकार के एक मंत्री और प्रदेश के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवार के सपूत के पास पीड़ित की मां की दर्द भरी दास्तां वाला आडियो क्लिप पहुंच चुका है। मंत्रीजी पुराने कृष्ण भक्त हैं लेकिन हाल-फिलहाल उनका झुकाव शिव की तरफ तेजी से बढ़ा है। टेप सुनने के बाद मंत्री जी ने मंदिर के मुखिया को अपने आवास पर तलब भी किया। बिचौलिये सक्रिय हैं कि ले-दे कर मामला को सुपुर्दे खाक कर दिया जाए।

मंदिर से पुराना सम्बन्ध रखने वाले एक कृष्ण भक्त ने बताया कि पटना का इस्कॉन मंदिर हमेशा से विवादों में रहा है। उन्होंने खुलासा किया कि ‘‘पहले भी वहां रह रहे कुछ बच्चों ने कुछ साधुओं के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया था जिसे एक सांसद की मध्यस्थता के बाद रफा-दफा किया गया था।’’ जनसता डॉट काम ने मंदिर के प्रमुख से बातचीत करने का बहुत प्रयास किया। आठ अप्रैल को कई बार उनके मोबाइल नंबर पर कॉल किया। वाट्सअप मैसेज भी भेजा। रविवार सुबह प्रमुख का संदेश आया, “नहीं ये गलत खबर है।”

(यह रिपोर्ट हमें पटना के स्वतंत्र पत्रकार कन्हैया भेलारी ने भेजी है।)

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