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जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री ने असैन्य इलाकों में सेना की मौजूदगी कम करने को कहा

‘‘सेना यह भी सुनिश्चित करे कि आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान किसी नागरिक को नुकसान ना पहुंचे और असैन्य संपत्तियों को कम से कम क्षति हो।’’

श्रीनगर | Updated: June 15, 2016 12:05 AM
जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती। (पीटीआई फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपनी सरकार के विश्वास बहाली के उपायों के लिए सेना की मदद मांगते हुए आज राज्य के असैन्य इलाकों एवं पर्यटन स्थलों से सेना की मौजूदगी कम करने और यह सुनिश्चित करने की वकालत की कि आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान किसी नागरिक को नुकसान ना पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग से मुलाकात के दौरान अपने विचार रखे। जनरल सुहाग आतंकवाद से संबंधित घटनाओं और घुसपैठ की कोशिशों में आयी तेजी के बीच राज्य के सुरक्षा हालात पर चर्चा के लिए आज यहां महबूबा से मिले। दोनों ने विशेष तौर पर दो जुलाई से शुरू हो रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा और अनंतनाग विधानसभा सीट के लिए 22 जून को होने वाले उपचुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर चर्चा की। अनंतनाग सीट से मुख्यमंत्री चुनाव लड़ रही हैं।

एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार जनरल सुहाग से बातचीत के दौरान महबूबा ने कहा, ‘‘घुसपैठ रोकने के लिए सीमाओं पर बेहतर चौकसी बनाए रखने की जरूरत है जो सेना प्रभावी तरीके से करने में सक्षम है।’’ उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्य के असैन्य इलाकों और पर्यटन स्थलों पर सैनिकों की मौजूदगी कम करने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने सेना प्रमुख से कहा, ‘‘सेना यह भी सुनिश्चित करे कि आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान किसी नागरिक को नुकसान ना पहुंचे और असैन्य संपत्तियों को कम से कम क्षति हो।’’ उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा और श्रीनगर स्थित चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ भी बैठक में मौजूद थे।

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