Bihar News: जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर की बिहार के बड़े प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ एक तस्वीर सामने आने के बाद बैठक की प्रवृत्ति पर सवाल उठने लगे। इसके बाद मुख्य सचिव के ऑफिस ने शुक्रवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि किशोर ने मुख्य सचिव से विजिटर रूम में अलग से मुलाकात की थी, जबकि उसी समय कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक दूसरी बैठक चल रही थी।

यह सफाई प्रशांत किशोर की मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से मुलाकात के एक दिन बाद आई। इसके बाद सामने आई तस्वीरों में उन्हें पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) और पटना कमिश्नर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देखा गया। इससे पहली बार विधायक बने व्यक्ति के निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दों पर वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर बहस छिड़ गई।

शुक्रवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में मुख्य सचिव के ऑफिस ने कहा कि किशोर ने 20 अगस्त के पत्र के जरिये मिलने का समय मांगा था और उन्हें 27 अगस्त को समय दिया गया था। विज्ञप्ति में कहा गया है, “27.08.2026 को मुख्य सचिव के रूम में एक अन्य बैठक चल रही थी, जिसमें कई अधिकारी उपस्थित थे।”

विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य सचिव ने बाद में किशोर से विजिटर रूम में मुलाकात की। यहां पर कुछ अधिकारी पहले से ही मौजूद थे। इसमें यह भी कहा गया है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ बैठकें परंपरागत रूप से विजिटर रूम में ही आयोजित की जाती हैं।

इस बीच, आधिकारिक बयान में उस तस्वीर और किशोर द्वारा बैठक के बारे में दिए गए डिटेल से अलग बात कही गई है। इस तस्वीर के सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बिहार सरकार के शीर्ष अधिकारियों को पहली बार चुने गए विधायक के निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा करते हुए देखने के असामान्य दृश्य पर टिप्पणी की।

17 अगस्त को बांकीपुर विधायक के रूप में शपथ लेने वाले किशोर ने बैठक के बाद कहा था कि यह आंशिक रूप से 18 अगस्त को डीजीपी विनय कुमार के साथ हुई उनकी बैठक का ही अगला चरण था, जिसमें उन्होंने यातायात, नशीले पदार्थों और सड़क किनारे वेंडरों से कथित अवैध वसूली से जुड़े मुद्दे उठाए थे।

किशोर ने कहा था कि गुरुवार को मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक पुलिस से संबंधित मुद्दों के बजाय नागरिक और कल्याणकारी मुद्दों से संबंधित थी। 27 अगस्त की बैठक किशोर के पदभार संभालने के कुछ ही दिनों के अंदर हुई हाई लेवल बातचीत थी। डीजीपी के साथ उनकी 18 अगस्त की बैठक में पटना की यातायात समस्याओं का स्थायी समाधान खोजने और सड़क विक्रेताओं से कथित अवैध वसूली को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

हालांकि, कई लोग मुख्य सचिव कार्यालय की इस स्पष्टीकरण को तस्वीर को लेकर मचे बवाल के बाद की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं। किशोर ने 30 जुलाई को बांकीपुर उपचुनाव में 64151 वोटों से जीत हासिल की और बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा को हराकर विधानसभा क्षेत्र पर बीजेपी के तीन दशक पुराने वर्चस्व को खत्म कर दिया।

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बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को विधानसभा में बतौर विधायक शपथ ग्रहण की। विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार की मौजूदगी में उन्होंने शपथ ग्रहण की। इस दौरान उन्होंने अपने शपथ लेने को ‘बहुत ही सम्मान की बात’ बताया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…