Bihar News: जनता दल यूनाइटेड से चार साल पहले इस्तीफा देने के बाद आर सी पी सिंह ने शनिवार को पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार से मुलाकात की और कहा कि उनके बीच रिश्ता बरकरार है और जब मुलाकात होती है, तो एक नई पारी की शुरुआत होती है।
जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष ने सात, सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर उनसे मुलाकात की। सिंह ने 2022 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और उन पर पार्टी के भीतर विभाजन कराने के प्रयास के आरोप लगे थे। नौकरशाह से नेता बने आरसीपी सिंह ने पीटीआई से कहा कि उनका नीतीश कुमार के साथ 25 वर्ष पुराना जुड़ाव है और उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार के हाव-भाव से लग रहा था कि वे मुझे देखकर खुश थे।
चार साल बाद नीतीश कुमार से मिला- आरसीपी सिंह
आरसीपी सिंह ने कहा, “मैं नीतीश बाबू से चार साल से अधिक समय बाद मिला। यह एक सुखद मुलाकात थी और हमारी बातचीत सौहार्दपूर्ण रही। आखिरकार, मैंने उनके साथ 25 वर्षों से अधिक समय तक काम किया है। हमारा रिश्ता अब भी बरकरार है।” उन्होंने कहा, “जब मुलाकात होती है, तो एक नई पारी की शुरुआत होती है और साथ ही कहा कि वह भविष्य में जदयू प्रमुख से फिर मुलाकात करेंगे। हालांकि, जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस तरह की अटकलों पर नाराजगी जताई कि आरसीपी सिंह पार्टी में वापसी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी का उनके साथ बहुत खराब अनुभव रहा है। उनकी गतिविधियां पार्टी को गर्त में ले जाने की एक सुनियोजित रणनीति को दर्शाती थीं। उन्होंने बिहार विधानसभा में हमारी संख्या को घटाकर 43 तक पहुंचा दिया था। अब वह हमें और कितना नीचे ले जाएंगे।”
वह 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन की ओर इशारा कर रहे थे, जब जेडीयू 243 सदस्यीय विधानसभा में केवल 43 सीटें जीतकर तीसरे स्थान पर रह गई थी, जबकि राष्ट्रीय जनता दल ने 75 सीटें और भारतीय जनता पार्टी ने 74 सीटें हासिल की थीं। नीरज कुमार ने कहा कि वह आरसीपी सिंह पर भरोसा नहीं करते हैं और आरोप लगाया कि जदयू के पूर्व नेता ने विधानसभा चुनावों के दौरान नीतीश कुमार को राजनीति में सक्रिय रहने के योग्य नहीं बताया था।
नीतीश कुमार ने प्रधान सचिव नियुक्त किया था
नालंदा जिले से ताल्लुक रखने वाले आरसीपी सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे। उन्होंने उस समय नीतीश कुमार को प्रभावित किया था जब कुमार रेल मंत्री थे और सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे। बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह को अपना प्रधान सचिव नियुक्त किया और वह इस पद पर 2010 तक रहे।
इसके बाद वह स्वैच्छिक रिटायरमेंट से लेकर जेडीयू में शामिल हो गए थे। आमतौर पर आरसीपी के नाम से जाने जाने वाले सिंह का जेडीयू में तेजी से राजनीतिक उत्थान हुआ और वे 2020 में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, हालांकि विधानसभा चुनावों में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के रूप में उनके प्रदर्शन पर सवाल उठे, जब पार्टी ने अपने अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन का सामना किया।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपी सिंह की जनता दल यूनाइटेड में वापसी की अटकलों के बीच, पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने रविवार को कहा कि पार्टी की सीटों को कम करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है। ललन सिंह 2020 के विधानसभा चुनावों का जिक्र कर रहे थे, जब जेडीयू की सीटें पिछले चुनाव की 71 सीटों से घटकर 43 रह गई थीं। उस समय, RCP सिंह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) थे। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
