594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे देश की सबसे लंबी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में से एक है। बुधवार (29 अप्रैल) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी के इस सबसे लंबे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना की आधारशिला पीएम नरेंद्र मोदी ने 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले 18 दिसंबर 2021 को रखी थी। खास बात है कि इसका उद्घाटन 2027 के चुनावों से ठीक पहले हो रहा है।

3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप और 453 अंडरपास वाला गंगा एक्सप्रेसवे क्यों है खास? जानें इससे जुड़ी सारी अहम बातें

आंकड़ों से समझें अहमियत

  • उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा विकसित, यह छह लेन (आठ लेन तक विस्तार योग्य) कॉरिडोर 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
  • – इस एक्सप्रेसवे के साथ मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा में लगने वाला समय 10-12 घंटे से घटकर 6-8 घंटे करने की उम्मीद है।
  • – यह एक्सप्रेसवे मेरठ जिले के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज जिले के जुदापुर डांडू गांव पर खत्म होता है।
  • – यह 12 जिलों से होकर गुजरता है: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज।

संरचना और निष्पादन (Structure and Execution)

संरचना (Structure):
– इस एक्सप्रेसवे को अधिकतम 120 किमी/घंटा की गति के लिए डिजाइन किया गया है।

  • – इसे मल्टी-पैकेज मॉडल पर विकसित किया गया है जिससे कई हिस्सों में एक साथ निर्माण संभव हो सका।
  • – परियोजना को चार प्रमुख स्ट्रेच (Stretches) में बांटा गया है ताकि काम को तेजी से पूरा किया जा सके।
UP Expressway
453 अंडरपास के साथ आज से चालू Ganga Expressway

कार्यान्वयन (Execution):
स्ट्रेच 1 (मेरठ–बदायूं, 129.7 किमी):

निर्माण: IRB Infrastructure Ltd
लागत: 5,039 करोड़ रुपये
शामिल जिले: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल और बदायूं

स्ट्रेच 2 (बदायूं–हरदोई, 151.7 किमी):

निर्माण: Adani Infrastructure Ltd
लागत: 5,647 करोड़ रुपये
शामिल जिले: बदायूं, शाहजहांपुर और हरदोई

स्ट्रेच 3 (हरदोई–उन्नाव, 155.7 किमी):

निर्माण: Adani Infrastructure Ltd
लागत: 5,810 करोड़ रुपये
शामिल जिले: हरदोई और उन्नाव

स्ट्रेच 4 (उन्नाव–प्रयागराज, 156.847 किमी):

निर्माण: Adani Infrastructure Ltd
लागत: 5,626 करोड़ रुपये
शामिल जिले: उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज

Ganga Expressway
इस एक्सप्रेसवे पर 3.5 KM लंबी एयरस्ट्रिप है

प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपोनेंट्स

इस एक्सप्रेसवे को निर्बाध यातायात (uninterrupted traffic flow) सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े और छोटे इंजीनियरिंग ढांचों के साथ विकसित किया गया है:

14 प्रमुख पुल
इनमें हापुड़ में गंगा नदी पर 900-960 मीटर लंबा पुल और बदायूं में रामगंगा नदी पर 720 मीटर लंबा पुल शामिल है।

7 रेलवे ओवरब्रिज (Railway Overbridges)
रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात को बाधारहित रखने के लिए।

32 फ्लाईओवर (Flyovers)
शहरी और प्रमुख जंक्शनों पर यातायात सुचारू रखने हेतु।

185 छोटे पुल (Minor Bridges)
स्थानीय नदियों और नालों पर आवागमन सुनिश्चित करने के लिए।

453 अंडरपास (Underpasses)
ग्रामीण क्षेत्रों, पशु आवागमन और स्थानीय यातायात के लिए बनाए गए।

795 कलवर्ट (Culverts)
जल निकासी और छोटे मार्गों के लिए।

21 इंटरचेंज (Interchanges)
एक्सप्रेसवे में प्रवेश और निकास के लिए प्रमुख स्थानों पर विकसित।

टोल प्लाज़ा (Toll Plazas)
2 मुख्य टोल प्लाज़ा (मेरठ और प्रयागराज के पास)
19 रैंप टोल प्लाज़ा

UP Longest Expressway
6 घंटे में पूरा होगा मेरठ से प्रयागराज का सफर

यात्री और रणनीतिक सुविधाएं (Passenger and Strategic Facilities)

-एक्सप्रेसवे पर 9 पब्लिक यूटिलिटी कॉम्प्लेक्स बनाए गए हैं ताकि आम लोग रास्ते में रुककर बेसिक सुविधाएं इस्तेमाल कर सकें
-इनमें पेट्रोल पंप, फूड कोर्ट, आराम करने की जगह और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं।
-यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित यात्रा के लिए ये स्थान विकसित किए गए हैं।
-शाहजहांपुर जिले (जलालाबाद तहसील) में 3.5 किमी लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है।
-भारतीय वायुसेना ने यहां 2 मई को सफल आपातकालीन लैंडिंग परीक्षण किया था।
-इसका उपयोग आपातकालीन स्थिति, आपदा प्रबंधन और रक्षा कार्यों के लिए किया जाएगा।

कनेक्टिविटी और अपेक्षित असर (Connectivity and Expected Impact)

-यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच तेज़ और सीधी कनेक्टिविटी ऑफर करता है।
-इससे माल ढुलाई (freight movement) तेज होगी और लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी।
-कृषि उत्पादों और औद्योगिक सामान के परिवहन में भी तेजी आएगी।
-इसे एक आर्थिक कॉरिडोर (economic corridor) के रूप में विकसित किया जा रहा है।
-इसके किनारे लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक क्षेत्र और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की योजना है।
-बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, कृषि और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, खासकर प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में पहुंच आसान होने से।