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बसपा सुप्रीमो मायावती की हुंकार, दलितों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ संघर्ष के लिए कार्यकर्ता रहें तैयार

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को कार्यकर्ताओं को दलितों के खिलाफ संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा।

Author May 23, 2017 6:03 PM
बसपा प्रमुख मायावती (फोटो सोर्स पीटीआई)

 बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को कार्यकर्ताओं को दलितों के खिलाफ संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा। जातीय हिंसा में झुलसे सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव जाते समय वह मेरठ में कुछ ही मिनट के लिए रुकीं। उन्होंने कहा कि यह समय स्वागत का नहीं, संघर्ष का है। इससे पहले, दिल्ली से गाड़ियों के काफिले के साथ निकलीं मायावती गाजियाबाद होते हुए दोपहर लगभग 12 बजे परतापुरत तिराहे पर पहुंचीं। गाजियाबाद में यूपी गेट पर मायावती का समर्थकों ने फूलों से स्वागत किया।

मायावती ने कार्यकर्ताओं से कहा कि बसपा को संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा। खड़ौली में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। वहां भी मायावती ने दलितों के लिए संघर्ष के लिए आह्वान किया और रवाना हो गईं। कार्यकर्ताओं के जोश को देख मायावती उत्साहित नजर आईं।

सहारनपुर के लिए निकलने से पहले नई दिल्ली में बसपा अध्यक्ष मायावती मीडिया से मुखातिब हुईं। उन्होंने कहा, “मुझे सहारनपुर के अधिकारियों ने हैलीपेड की सुविधा नहीं दी। उन्होंने कहा, “मेरी पार्टी के लोग हैलीपैड की सुविधा के लिए डीएम और एसएसपी से मिले थे। अधिकारियों ने हैलीपैड की परमिशन नहीं दी। इसी कारण मुझे सड़क मार्ग से सहारनपुर जाना पड़ रहा है। इसकी जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार की जिम्मेदारी तब तक है, जब तक मैं वापस दिल्ली न पहुंच जाऊं। मायावती ने कहा, “सड़क मार्ग से जाते समय यदि मुझे कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदार भाजपा होगी।”

मायावती ने कहा कि सहारनपुर में हुई घटना दर्दनाक है। उप्र में भाजपा की जातिवादी सरकार है। योगी की सरकार पक्षपात कर रही है, सहारनपुर की घटना पक्षपात की वजह से हुई है।

 

आपको बता दें कि इस यात्रा के जरिए मायावती को आने वाले चुनाव में दलित वोट बैंक भुनाने के अच्छा मौका मिला है।मायावती मंगलवार (23 मई ) को सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव का दौरा किया। दलित संगठन भीम सेना की ओर से शब्बीरपुर में हुई हिंसा को लेकर दिल्ली में बड़े पैमाने पर धरना किया गया। उत्तर भारत के सात राज्यों से इसमें लोग आए। दलित संगठन भीम सेना की स्थापना दो साल पहले चंद्रशेखर ने की थी। यूपी में विधानसभा चुनाव में हार के बाद यह मायावती का पहला दौरा है। दौरे की शुरुआत मायावती दलित निर्वाचन क्षेत्र से करने जा रही हैं। मायावती शब्बीरपुर के लिए दिल्ली से सड़क मार्ग से जाएंगी। पिछले सप्ताह मायावती ने योगी आदित्यनाथ सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि यह लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के अपने प्रमुख संवैधानिक कर्तव्य को पूरा करने में नाकाम रही है। चुनाव के बाद पार्टी ने संगठन में भारी फेरबदल के साथ ही दलित मुद्दों पर ज्यादा आक्रामक रुख अख्तियार करने का फैसला किया है।

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